UP: रायबरेली में आरपी यादव की हुंकार से गरमाई सियासत, ‘समय बदलेगा’ के बयान पर चर्चा तेज

UP: रायबरेली सदर विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। सपा के पूर्व प्रत्याशी आरपी यादव को आदित्य हत्याकांड में सजा होने के बाद उनके चुनावी मैदान से बाहर होने की संभावनाओं ने पार्टी की रणनीति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा की अदिति सिंह ने 1,02,429 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, जबकि सपा के राम प्रताप यादव को 95,254 मत मिले थे। दोनों के बीच सिर्फ 7,175 वोटों का अंतर रहा था।

आरपी यादव के बाद सपा के सामने प्रत्याशी चयन की चुनौती

आरपी यादव के सजायाफ्ता होने के बाद अब सबसे अहम सवाल यह है कि सपा सदर विधानसभा सीट से किस चेहरे को मैदान में उतारेगी। पार्टी को ऐसे प्रत्याशी की तलाश होगी, जो मजबूत जनाधार रखने के साथ आरपी यादव के समर्थक मतदाताओं को भी अपने साथ जोड़ सके। यही वजह है कि संभावित प्रत्याशी को लेकर सियासी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

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जेल जाते वक्त बयान से गरमाई सियासत

आरपी यादव को जेल ले जाते समय पुलिस वाहन से दिया गया उनका बयान भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। मीडिया के सामने उन्होंने कहा, विधायक बनने में भले ही हमें कुछ देर के लिए रोक दिया गया है, लेकिन समय बदलेगा। उनके इस बयान को समर्थक संघर्ष जारी रखने के संदेश के तौर पर देख रहे हैं। वहीं, राजनीतिक जानकार उनके बयान के अलग-अलग मायने तलाश रहे हैं।

परिवार के चेहरे पर दांव लगाने की अटकलें

आरपी यादव के बयान के बाद यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि सपा उनकी राजनीतिक पकड़ और समर्थकों को बरकरार रखने के लिए परिवार के किसी सदस्य को चुनावी मैदान में उतार सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक ऐसी किसी रणनीति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यदि परिवार के किसी चेहरे को टिकट मिलता है तो सपा आरपी यादव के प्रति सहानुभूति और उनकी सियासी विरासत को चुनावी मुद्दे के रूप में भुना सकती है।

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भाजपा की मजबूत स्थिति के बीच सपा की अगली चाल पर नजर

सदर सीट पर भाजपा का पिछला प्रदर्शन सपा के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में 2027 के चुनाव में मुकाबले की दिशा काफी हद तक सपा के प्रत्याशी चयन पर निर्भर कर सकती है। फिलहाल टिकट को लेकर पार्टी के भीतर संभावित नामों पर मंथन और क्षेत्र में सियासी अटकलें तेज हैं। आने वाले समय में सपा किस चेहरे पर भरोसा जताती है, इस पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ सदर विधानसभा क्षेत्र की जनता की भी नजर बनी हुई है।

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