Gonda: ‘संवाद से समाधान’ का असर, देवीपाटन मंडल के 330 गांव वाद-मुक्त, 769 विवाद सुलझे

Gonda: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देशन में देवीपाटन मण्डल में चलाए जा रहे ‘वाद-मुक्त देवीपाटन: संवाद से समाधान’ अभियान का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। गांवों में आपसी संवाद, सामुदायिक मध्यस्थता और सहमति के जरिए विवादों का स्थानीय स्तर पर समाधान कराया जा रहा है। अभियान के तहत चयनित 500 ग्रामों में से अब तक 330 ग्रामों को वाद-मुक्त घोषित किया जा चुका है, जबकि 769 विवादों का संवाद के माध्यम से समाधान कराया गया है।

पढ़िए मामले से जुड़ी पूरी जानकारी

अभियान गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती की 16 तहसीलों में संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सिविल, राजस्व और सामुदायिक प्रकृति के विवादों को ग्राम पंचायत स्तर पर ही बातचीत और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाना है। इससे ग्रामीणों को अनावश्यक मुकदमेबाजी से राहत मिलने के साथ समय और धन की बचत भी हो रही है। प्रत्येक चयनित ग्राम में लेखपाल, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, महिला प्रतिनिधि और गांव के वरिष्ठ सदस्य को शामिल करते हुए पांच सदस्यीय सामुदायिक मध्यस्थता पैनल गठित किया गया है। ग्राम पंचायत भवन अथवा सार्वजनिक स्थल पर मध्यस्थता केंद्र बनाए गए हैं। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए नायब तहसीलदार या तहसीलदार को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

ALSO READ: UP: रायबरेली में तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र बदले, 10 अधिकारियों को मिली नई तैनाती

जनपदवार प्रगति में बहराइच के 109 ग्राम वाद-मुक्त घोषित किए गए हैं। गोण्डा में 82, बलरामपुर में 86 और श्रावस्ती में 53 ग्राम वाद-मुक्त हुए हैं। अभियान के दौरान चकमार्ग, आबादी के रास्ते, नाली, बंटवारा, वरासत और सीमा संबंधी विवादों को आपसी सहमति से सुलझाया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य शेष ग्रामों में भी मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरी कर सम्पूर्ण देवीपाटन मण्डल को वाद-मुक्त मण्डल के रूप में स्थापित करना है। अधिकारियों का मानना है कि संवाद आधारित यह पहल ग्रामीणों को त्वरित न्याय दिलाने के साथ सामाजिक सौहार्द, आपसी विश्वास और भाईचारे को भी मजबूत कर रही है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते है.)