इटावा: इटावा सफारी पार्क में लंबे समय से उपचाराधीन बब्बर शेरनी राधिका की सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे मौत हो गई। करीब 52 दिनों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किए जाने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। शेरनी की मौत से सफारी प्रशासन में शोक का माहौल है।
सफारी प्रशासन के अनुसार, 8 जुलाई 2026 को राधिका की पूंछ को दूसरी शेरनी नीरजा द्वारा काट लिए जाने की घटना सामने आई थी। इसके बाद पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, मथुरा से विशेषज्ञ चिकित्सक को बुलाया गया और सफारी के वन्यजीव चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया।
संक्रमण की आशंका को देखते हुए विशेषज्ञों की सलाह और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर राधिका की पूंछ को काटकर छोटी किया गया था। उपचार के दौरान 9 जुलाई को राधिका ने कई बार अपनी पूंछ स्वयं काट ली। वह तीन बार पूंछ पर भी बैठ गई, जिससे टांके टूट गए। इसके बावजूद चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी रहा।सोमवार सुबह राधिका ने दम तोड़ दिया। सूचना के बाद पशु चिकित्सकों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया। प्रथम दृष्टया अत्यधिक कमजोर होने के कारण मल्टी ऑर्गन फेलियर की आशंका जताई गई है। पोस्टमार्टम में पेट और आंतों में काफी मात्रा में हवा/गैस भी मिली।
मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित कर आईवीआरआई, बरेली भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु का स्पष्ट कारण सामने आएगा।सफारी निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल के मुताबिक, राधिका को वर्ष 2019 में गुजरात से इटावा सफारी लाया गया था। शारीरिक अक्षमता और असामान्य व्यवहार के कारण उसे पर्यटकों के सामने सफारी में नहीं खोला गया और न ही ब्रीडिंग के लिए इस्तेमाल किया गया। उसकी उम्र करीब नौ वर्ष बताई गई है।
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