सिद्धार्थनगर: जिले के कठेला के रहने वाले परिवार की बच्ची के इलाज के दौरान हुई मौतों को लेकर डॉ. संजय चौधरी पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित उपचार और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था नहीं मिलने के कारण बच्चों की जान चली गई।
बच्ची को बुखार होने पर परिवार लाए था अस्पताल…
परिवार के अनुसार बच्ची को बुखार हुआ था जो कि उतर नहीं रहा था जिससे डाक्टर संजय चौधरी के पास लाए जहां दवा देने के बाद परिवार वाले घर चले गए और बुखार नहीं उतरने पर फिर लाए अस्पताल।
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बुखार नहीं उतने पर वापस लाए अस्पताल
घर के जाने के बाद बच्ची का बुखार नहीं उतर रहा था और सांस लेने में दिक्कत होने पर परिवार वाले फिर अस्पताल ले कर आए जिससे बच्ची का इलाज शि से नहीं किया गया ।
सही समय और सही इलाज होने से बच सकती थी बच्ची की जान
परिवार वालों के अनुसार सांस लेने में दिक्कत होने पर परिवार अस्पताल वापस लाता जिससे बच्ची की सही इलाज न होने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं कि बच्ची का सही इलाज हुआ होता तो बच्ची की बच सकती थी जान।
पति के जाने के बाद बच्ची ही थी महिला का सहारा
महिला का अभी कुछ महीना पहले ही पति की मोटरसाइकिल दुर्घटना में मौत हो चुकी है जिससे महिला दुखी रहती थी जिसका एक मात्र सहारा बच्ची ही थी जिसको देख कर महिला रहती थी वहीं अब बच्ची की जान चले जाने से महिला का कोई सहारा नहीं बचा।
स्वास्थ विभाग पर लग रहे आरोप
इस अस्पताल में यह नहीं घटना नहीं है इस तरह की घटना इस अस्पताल में पहले भी हो चुकी है जिससे घटना के बाद चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

















































