अमेठी: विकासखंड भादर की ग्राम पंचायत भादर निवासी रेखा देवी पत्नी राम सरन के लिए पक्का मकान कभी महज एक सपना था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मजदूरी से होने वाली करीब 46 हजार रुपये वार्षिक आय में परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही चुनौती था। परिवार जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात में छप्पर से पानी टपकता था और कच्ची दीवारों के गिरने का खतरा बना रहता था।
रेखा देवी के परिवार के घर में पहले शौचालय, पर्याप्त बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव था। खाना बनाने के लिए मिट्टी के चूल्हे का सहारा लेना पड़ता था। खराब मौसम के दौरान परिवार की परेशानियां और बढ़ जाती थीं। आर्थिक तंगी के कारण पक्का मकान बनवाना संभव नहीं हो पा रहा था।इसी बीच प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की मुहिम रेखा देवी के परिवार के लिए उम्मीद लेकर आई। योजना के तहत रेखा देवी को कुल 1.20 लाख रुपये की आवास सहायता तीन किस्तों में प्राप्त हुई। इसके अलावा मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस की मजदूरी का लाभ भी मिला।
जनपद में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी संजय चौहान के मार्गदर्शन में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने तथा आवास निर्माण को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने का कार्य किया। परियोजना निदेशक ऐश्वर्य यादव के विभागीय समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन से रेखा देवी के आवास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी।आवास निर्माण पूरा होने के बाद परिवार की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। अब रेखा देवी के पास आरसीसी छत वाला पक्का मकान, रसोईघर, बरामदा, शौचालय, बिजली और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं हैं। पहले जहां बारिश के दिनों में घर गिरने का डर सताता था, वहीं अब परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है।
रेखा देवी कहती हैं कि पक्का घर उनके लिए सिर्फ मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद है। उनका कहना है कि पहले बारिश में घर को लेकर चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब बच्चों के भविष्य को लेकर भी आत्मविश्वास बढ़ा है।रेखा देवी के परिवार की कहानी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से गरीब परिवारों के जीवन में आए बदलाव को दर्शाती है।



















































