UP: जून 2023 में बने थे चेयरमैन, अब हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद गंवानी पड़ी कुर्सी, जानिए क्या है पूरा विवाद

मुजफ्फरनगर: जिला सहकारी बैंक से जुड़ी बड़ी खबर है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला सहकारी बैंक के सभापति ठाकुर रामनाथ सिंह सहित तीन संचालकों को पद से हटाने का फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ठाकुर रामनाथ सिंह का सभापति पद पर बने रहना समाप्त हो गया है।

मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की सीनियर बेंच के न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और इंद्रजीत शुक्ला ने की। सजंय जैन बनाम सरकार मामले में याचिकाकर्ता सचिन जैन की ओर से करीब छह महीने पहले रिट दाखिल की गई थी।

याचिका में कहा गया था कि समितियों के विभाजन के बाद संबंधित प्रतिनिधि अपनी पुरानी समितियों के बोर्ड का हिस्सा नहीं रहे। इसी आधार पर उनके संचालक पद की वैधता को चुनौती दी गई थी।

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बता दें कि जून 2023 में ठाकुर रामनाथ सिंह को जिला सहकारी बैंक का सभापति चुना गया था। अब समितियों के पुनर्गठन के बाद हाईकोर्ट के फैसले से ठाकुर रामनाथ सिंह के अलावा संचालक पंकज पाल और बिजेंद्र मलिक एडवोकेट भी संचालक पद से पदमुक्त हो गए हैं।

ठाकुर रामनाथ सिंह खेड़ा मस्तान समिति से, बिजेंद्र मलिक पीनना समिति से और पंकज पाल मुजफ्फरनगर पश्चिमी समिति से जुड़े हुए हैं।

 

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