UP: बांदा जिले में एक के बाद एक सामने आ रही जनसमस्याओं ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।कहीं सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं,कहीं बिजली कटौती से लोग परेशान हैं तो कहीं जलभराव और साफ-सफाई की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।बारिश के बाद कई इलाकों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।खराब सड़कों पर आवागमन मुश्किल होने के साथ वाहन चालकों को हादसे का डर बना रहता है।दूसरी ओर,बिजली की अनियमित आपूर्ति से गर्मी और उमस के बीच लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
बिजली ने बढ़ाई परेशानी
ग्रामीण इलाकों में बिजली की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है।घंटों बिजली न रहने से बच्चों की पढ़ाई,घरेलू कामकाज और छोटे कारोबार तक प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।लोगों का कहना है कि नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति उनकी प्रमुख जरूरतों में शामिल है।
सड़कें बनीं सवाल
कई स्थानों पर सड़क की खराब स्थिति को लेकर भी लोग नाराज हैं।गड्ढों और जलभराव के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।लोगों की मांग है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जल्द कराई जाए।
समस्या नहीं,समाधान चाहिए:जनता
इन जनसमस्याओं को लेकर प्रमोद गुप्ता राजा,कुदरत उल्ला खान,वृंदावन वैश्य, राजकुमार गुप्ता राजू,आरके समुदे,उर्मिला वर्मा,निशा वर्मा, नेतराम वर्मा और शकील आदि ने प्रशासन से समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेने की मांग की है।स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों और आश्वासनों के बजाय अब जमीनी स्तर पर कार्रवाई और स्थायी समाधान की जरूरत है।लोगों ने संबंधित विभागों से मौके पर निरीक्षण कराकर समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने की मांग की है।
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आखिर कब सुधरेंगे हालात?
बांदा की जनता अब यही सवाल पूछ रही है कि सड़क, बिजली,सफाई और जलनिकासी जैसी बुनियादी समस्याओं से कब राहत मिलेगी?अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि इन शिकायतों का समाधान कागजों में होता है या वास्तव में जमीन पर भी बदलाव दिखाई देता है।



















































