बाराबंकी: तहसील रामनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायत अमोली कला में छठे गणेश चतुर्थी महोत्सव के अवसर पर बुधवार की रात अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नामचीन कवियों ने अपनी रचनाओं से ऐसा समां बांधा कि देर रात तक पंडाल तालियों और ठहाकों से गूंजता रहा। हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने कवि सम्मेलन का आनंद लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इसके बाद कवयित्री अंशु सुप्रिया दुबे ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कवि सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया। लखनऊ की कवयित्री अंशु सुप्रिया दुबे ने श्रृंगार रस से जुड़ी गीतात्मक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित कवि एवं गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना के मंच पर पहुंचते ही पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से जीवन में ऊंचाइयां हासिल करने के बावजूद अपनी जड़ों और संस्कारों से जुड़े रहने का संदेश दिया। उनकी प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा।
चित्रकूट के कवि पंडित सुनील सौम्य ने प्रेम और भक्ति से जुड़ी रचनाएं सुनाकर माहौल को भावपूर्ण बनाया। हाथरस के कवि सबरस मुरसानी ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं से देशप्रेम की भावना जगाई। वहीं बाराबंकी के कवि प्रदीप महाजन ने भगवान राम और रामलला से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कर जमकर तालियां बटोरीं। कार्यक्रम के संचालक नीरज पांडेय रायबरेली ने अपनी रचनाओं और हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता राजेश कुमार सिंह ने की, जबकि संयोजन रमाकांत शुक्ला एडवोकेट ने किया।



















































