माया के बाद अब अखिलेश के कड़े तेवर, बोले- कांग्रेस ने गठबंधन की बजाय खुद पर ज्यादा ध्यान दिया

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बसपा सुप्रीमो मायावती के बाद बाद अब सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस के प्रति कड़े तेवर दिखाए हैं. अखिलेश ने सपा-बसपा गठबंधन में शामिल न होने पर कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने पीएम नरेंद्र मोदी को हटाने के बजाय खुद को मजबूत करने पर ज्यादा ध्यान दिया है. बता दें अखिलेश कांग्रेस के प्रति काफी नरम रुख अपनाए थे तो वहीं उनके गठबंधन की सहयोगी मायावती शुरू से ही कांग्रेस पर हमलावर रहीं.


मीडिया से बात करते हुए गुरुवार को अखिलेश ने कहा कि अगर वास्तव में कांग्रेस, बीजेपी को हराना चाहती थी तो सपा-बसपा गठबंधन का सहयोग करना चाहिए था. उन्होंने कहा, ‘गठबंधन की तैयारी काफी पहले से शुरू हो गई थी. सपा और बसपा ने गोरखपुर और अन्य उपचुनावों में भाजपा को हराने के लिए कड़ी मेहनत की थी. दोनों पार्टी के गठबंधन ने जीत भी हासिल की. देश मोदी सरकार को हटाना चाहता है, लेकिन कांग्रेस केवल खुद को मजबूत करना चाहती है.’


अखिलेश ने कहा, अगर कांग्रेस वास्तव में बीजेपी को रोकना चाहती है, तो उसे सपा-बसपा गठबंधन का साथ देना चाहिए था. क्योंकि हम बीजेपी को रोकने के लिए अच्छा काम कर रहे हैं. कांग्रेस को केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी बीजेपी को हराने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.’


अखिलेश का यह बयान कांग्रेस द्वारा जारी की गयी उम्मीदवारों की दूसरी सूची के ठीक बाद आया. दरअसल अखिलेश की नाराजगी की वजह बुधवार को कांग्रेस द्वारा जारी की गयी पूर्व सांसदों की वो लिस्ट है जिसके सियासी समीकरण को समझें तो कांग्रेस उम्मीदवार सपा-बसपा के वोट काटते नजर आ रहे हैं, जिसे लेकर अखिलेश बेहद नाराज हैं.


अखिलेश की नाराजगी दूसरी वजह प्रियंका का भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर से मिलना भी बताया जा रहा है, राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह मायावती या कहे सपा-बसपा गठबंधन के वोट बैंक में सेंधमारी है.


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