अमेठी: पूर्व केंद्रीय मंत्री और अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी के निर्देश पर पूर्व विधायक चन्द्रप्रकाश मिश्र मटियारी ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए जूठीपुर गांव के दिवंगत बूथ अध्यक्ष स्वर्गीय पवन पासी के अनाथ बच्चों की शिक्षा का जिम्मा उठाया है। इस पहल के बाद एक बार फिर बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगी है।पूर्व सांसद के निर्देश पर पूर्व विधायक ने चारों बच्चो का का एडमिशन स्कूल में करवाया है।
दरअसल, 27 मई को अमेठी दौरे पर आई पूर्व सांसद स्मृति ईरानी सीधे जूठीपुर गांव पहुंची थीं। यहां उन्होंने भाजपा के दिवंगत बूथ अध्यक्ष पवन पासी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार से मुलाकात कर दुख साझा किया। बातचीत के दौरान पवन पासी की पत्नी पियारा देवी ने अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र करते हुए बताया कि पति के निधन के बाद बच्चों की पढ़ाई छूट गई है और परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है।
यह सुनते ही स्मृति ईरानी भावुक हो उठीं और उन्होंने तत्काल पूर्व विधायक चन्द्रप्रकाश मिश्र मटियारी को बच्चों की पढ़ाई की पूरी व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा किसी भी हालत में नहीं रुकनी चाहिए।
पूर्व सांसद के निर्देश के बाद शुक्रवार को पूर्व विधायक चन्द्रप्रकाश मिश्र मटियारी स्वयं बच्चों को लेकर श्री हनुमान इंटर कॉलेज पहुंचे। वहां कुमारी माधुरी, कुमारी आकांक्षा और सच्चिदानंद का कक्षा नौ में प्रवेश कराया गया। साथ ही तीनों बच्चों की एक वर्ष की फीस भी जमा कराई गई।
पूर्व विधायक चन्द्रप्रकाश मिश्र मटियारी ने कहा कि “पूर्व सांसद स्मृति ईरानी का आदेश हमारे लिए सर्वोपरि है। अमेठी मेरा परिवार है और यहां कोई भी बच्चा खुद को अनाथ महसूस नहीं करेगा।पूर्व सांसद के निर्देश पर बच्चों की इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाई गई है। आगे भी जो आवश्यकता होगी, उसे पूरा किया जाएगा।”बताया जा रहा है कि आर्थिक तंगी के चलते बच्चों की पढ़ाई करीब तीन वर्ष पहले ही छूट गई थी। दोबारा स्कूल में प्रवेश मिलने के बाद बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। माधुरी, आकांक्षा और सच्चिदानंद ने स्मृति ईरानी और चन्द्रप्रकाश मटियारी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें अपने अधूरे सपनों के पूरे होने की उम्मीद दिखाई दे रही है।
वहीं बच्चों की मां पियारा देवी की आंखें भी खुशी से नम हो उठीं। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों के जीवन में एक बार फिर खुशियां लौट आई हैं। उन्होंने स्मृति ईरानी और चन्द्रप्रकाश मटियारी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके सहयोग को परिवार कभी नहीं भूल पाएगा।














































