चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, UP के PCS अधिकारियों को बंगाल भेजा – मतगणना ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी सौंपी

कोलकाता/लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2026 की मतगणना को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के PCS अधिकारियों को पश्चिम बंगाल भेजा है। इन अधिकारियों को मतगणना ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया गया है।

इस अभियान के तहत यूपी कैडर की PCS अधिकारी प्रिया सिंह, जो वर्तमान में एडिशनल मिशन डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, को पश्चिम बंगाल में मतगणना ऑब्जर्वर बनाकर भेजा गया है। प्रिया सिंह समेत अन्य PCS अधिकारियों की तैनाती बंगाल में मतगणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए की गई है।

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में संवेदनशील जिलों में यूपी के अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों को ऑब्जर्वर बनाकर भेजने का फैसला लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता, विवाद या दबाव को रोकना है।

क्यों भेजे गए यूपी के अधिकारी ?

पश्चिम बंगाल में पिछले चुनावों में मतगणना के दौरान कुछ इलाकों में तनाव और विवाद की घटनाएं सामने आई थीं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने अन्य राज्यों के सीनियर और निष्पक्ष अधिकारियों को ऑब्जर्वर के रूप में तैनात करने का निर्णय लिया। यूपी के PCS अधिकारी अपनी सख्त प्रशासनिक छवि और अनुभव के लिए जाने जाते हैं, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

प्रिया सिंह को विशेष रूप से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। बतौर एडिशनल मिशन डायरेक्टर, उन्होंने प्रदेश में कई बड़ी योजनाओं को सफलतापूर्वक संभाला है। उनकी निगरानी में मतगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने की उम्मीद है।

Also Read : सैफई में पत्रकार पर हमला : फर्जी प्रधान संदीप उर्फ डंपी गिरफ्तार, दूसरे आरोपी की तलाश जारी

मतगणना की तैयारियां

चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी भेजे गए ऑब्जर्वर पहले ही बंगाल पहुंच चुके हैं। वे मतगणना केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं।

आयोग ने साफ निर्देश दिया है कि मतगणना पूरी तरह पारदर्शी हो। किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल द्वारा किसी प्रकार की अनियमितता करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस फैसले पर विपक्षी दलों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया है, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि राज्य के अपने अधिकारी भी पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। हालांकि, सभी दल अब निष्पक्ष मतगणना पर नजरें टिकाए हुए हैं।

यूपी के PCS अधिकारियों की इस तैनाती को चुनाव आयोग की सक्रिय भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। विशेषकर पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जहां राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहता है, बाहर के अधिकारियों को भेजना आयोग की निष्पक्षता का प्रतीक माना जा रहा है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)