बहराइच: भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिसिया थाने में तैनात उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र चौहान को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने थाना परिसर में ही जाल बिछाकर आरोपी दरोगा को दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए कोतवाली देहात लाया गया।
मुकदमे में राहत दिलाने के नाम पर मांगी थी घूस
जानकारी के अनुसार, रिसिया थाना क्षेत्र के रमुआपुर गांव निवासी राम हुकुम मौर्य के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि मामले में गंभीर धाराएं जोड़ने और जेल भेजने की कार्रवाई से बचाने के बदले उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र चौहान ने शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन संगठन से की।
शिकायत के बाद बनाई गई ट्रैप टीम
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन संगठन, देवीपाटन मंडल गोंडा के ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तय योजना के तहत मंगलवार दोपहर करीब 2:17 बजे शिकायतकर्ता ने दरोगा को उसके सरकारी आवासीय कक्ष में 5 हजार रुपये दिए। रकम लेते ही पहले से मौजूद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
गिरफ्तार उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र चौहान मूल रूप से गोरखपुर जिले के सहजनवां क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। एंटी करप्शन टीम उसे बहराइच की कोतवाली देहात लेकर पहुंची, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
Reporter- खालिद हुसैन (बहराइच)
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