UP: गोण्डा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सोमवार को तहसील सदर का निरीक्षण कर राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने तहसीलदार सदर न्यायालय पहुंचकर न्यायिक कार्यों से संबंधित अभिलेखों और विभिन्न फाइलों का गहन निरीक्षण किया।
पारदर्शी और नियमसम्मत सुनवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों की सुनवाई पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के तहत की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप लंबित प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे आम नागरिकों को त्वरित न्याय मिल सके।
दोनों पक्षों को पूरा अवसर देने पर बल
जिलाधिकारी ने न्यायालयों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक वादों के निस्तारण पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक मामले में दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए और सुनवाई निष्पक्षता तथा संवेदनशीलता के साथ संपन्न हो।
अभिलेखों और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा
डीएम ने न्यायालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रखरखाव और लंबित प्रकरणों की मौजूदा स्थिति का भी अवलोकन किया। साथ ही राजस्व मामलों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
अधिकारियों और अधिवक्ताओं की रही मौजूदगी
इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल, तहसीलदार सदर मनीष कुमार, नायब तहसीलदार सदर चंदन जायसवाल सहित कई अधिवक्ता भी उपस्थित रहे।
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