लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की अंतर्जनपदीय तबादले की नीति में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों का 31 मार्च 2027 तक किसी भी जिले में तबादला नहीं हो सकेगा। केवल दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को ही इस अवधि में तबादले की छूट दी जाएगी।
तबादला नीति में नया प्रावधान
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, जनगणना से जुड़े कार्य में तैनात शिक्षकों को स्थिर रखने के उद्देश्य से अंतर्जनपदीय तबादलों पर रोक लगा दी गई है। यह व्यवस्था 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। विभाग का मानना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में लगे शिक्षकों को बीच में बदले जाने से कार्य में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
किन शिक्षकों को मिलेगी छूट?
नई नीति के तहत सिर्फ दो श्रेणियों के शिक्षकों को तबादले की अनुमति दी जाएगी:
– दिव्यांग (PwD) शिक्षक
– गंभीर बीमारी से ग्रस्त शिक्षक
इन दोनों श्रेणियों के शिक्षकों के मामले में चिकित्सकीय प्रमाण-पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर तबादला प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। बाकी सभी शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादले पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी।
जनगणना कार्य को सुचारू बनाने का उद्देश्य
यह निर्णय आगामी जनगणना कार्य को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए लिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक जनगणना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभाग चाहता है कि इन शिक्षकों को पूर्ण रूप से जनगणना कार्य पर फोकस करने का मौका मिले और बीच में तबादले की प्रक्रिया से उन्हें विचलित न किया जाए।
शिक्षकों और विभाग दोनों के लिए महत्वपूर्ण
यह बदलाव उन हजारों शिक्षकों के लिए राहत भरा है जो वर्तमान में जनगणना ड्यूटी पर तैनात हैं। साथ ही विभाग को भी लगातार कार्यरत स्टाफ मिल सकेगा। हालांकि, सामान्य शिक्षकों में इस नीति को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, क्योंकि कई शिक्षक लंबे समय से तबादले का इंतजार कर रहे थे।
बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस नए आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह नीति फिलहाल 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी। उसके बाद विभाग पुनः समीक्षा कर आगे की कार्ययोजना तय करेगा।












































