गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कार्य परिषद् की बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विश्वविद्यालय से सम्बद्ध 91 महाविद्यालयों में लगभग 200 पाठ्यक्रमों को संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।
कार्य परिषद् द्वारा गोरखपुर, देवरिया एवं कुशीनगर जनपद में स्थित विभिन्न सम्बद्ध महाविद्यालयों के कला, विज्ञान, विधि एवं वाणिज्य संकायों में स्नातक और परास्नातक स्तर पर पाठ्यक्रमों के संचालन की अनुमति दी गई है। इसके अंतर्गत 45 महाविद्यालयों में 82 पाठ्यक्रमों के लिए स्थायी सम्बद्धता तथा 46 महाविद्यालयों में 115 पाठ्यक्रमों के लिए अस्थायी सम्बद्धता दी गई है। महात्मा गांधी पी जी कॉलेज को बीबीए तथा एम. कॉम., इस्लामिया कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स को बीबीए तथा एम. एससी., ज्ञानभारती लॉ कॉलेज को बीए-एलएलबी तथा एलएलबी, अखिल भाग्य महाविद्यालय को एमएससी बॉटनी व जूलॉजी, फूला देवी मेमोरियल लॉ कॉलेज को एलएलबी सहित दो दर्जन महाविद्यालयों को बीबीए, बीसीए और बी. कॉम, एम. कॉम जैसे नवीन एवं रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों की संस्तुति प्रदान की गई है। ये पाठ्यक्रम विशेष रूप से व्यावसायिक दक्षता, शोध अभिरुचि एवं उद्योगोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देंगे।
*कुलपति प्रो. पूनम टंडन* ने कहा कि सम्बद्धता की प्रक्रिया विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। विभिन्न पाठ्यक्रमों को दी गई सम्बद्धता न केवल उच्च शिक्षा के विस्तार में सहायक होगी, बल्कि क्षेत्रीय विद्यार्थियों को अपने ही जनपद में विविध विषयों के अध्ययन के अधिक अवसर प्रदान करेगी। इससे शिक्षा तक पहुंच सुदृढ़ होगी।











































