मथुरा: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो बयान को लेकर बृजभूमि के संत समाज में नाराजगी देखने को मिल रही है. वीडियो में मौलाना रशीदी द्वारा कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ शिव भक्तों के कथित आचरण पर की गई टिप्पणी के बाद संत संगठनों ने इसे शिव भक्तों की भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है.
वायरल वीडियो में मौलाना को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जो लोग कांवड़ यात्रा के दौरान शराब पीते हैं, नशा करते हैं, लूटपाट करते हैं या पुलिस से दुर्व्यवहार करते हैं, उन्हें सच्चा शिव भक्त नहीं कहा जा सकता. वीडियो सामने आने के बाद इस बयान को लेकर बहस तेज हो गई.
इस पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सेवा का प्रतीक है तथा कुछ लोगों के कथित कृत्यों के आधार पर पूरे शिव भक्त समाज पर टिप्पणी करना उचित नहीं है. उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की.
अन्य संतों ने भी कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें शामिल अधिकांश श्रद्धालु नियमों का पालन करते हैं. उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पूरे समुदाय को एक नजर से देखना उचित नहीं है.
वहीं, मथुरा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित बयानों की निगरानी की जा रही है. यदि किसी बयान से धार्मिक भावनाएं आहत होने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील भी की है.फिलहाल इस मामले को लेकर बृज क्षेत्र में चर्चाएं जारी हैं, जबकि संत समाज ने सभी धर्मों की आस्था का सम्मान बनाए रखने की अपील की है.



















































