मुजफ्फरनगर: 10 साल बाद नशीले पदार्थ के केस में अशोक भारती दोषमुक्त, जज बोले- ‘कोर्ट के चक्कर काटना भी दंड से कम नहीं’

मुजफ्फरनगर: नशीले पदार्थ से जुड़े एक मामले में अदालत ने अशोक भारती को दोषमुक्त कर दिया है। फैसला सुनाते हुए जज रवि दिवाकर ने न्यायिक प्रक्रिया में हुई देरी पर गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी निर्दोष व्यक्ति को अपनी बेगुनाही साबित करने में 10 साल लग जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अदालत के लगातार चक्कर लगाना और मुकदमे का सामना करना भी किसी दंड से कम नहीं है।

10 साल तक चली कानूनी प्रक्रिया पर उठे सवाल

अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक मुकदमे की प्रक्रिया से गुजरना पड़ना अपने आप में बड़ी परेशानी है। लगातार तारीखों पर अदालत में उपस्थित होना, समय और संसाधन खर्च करना किसी भी व्यक्ति के लिए कठिन स्थिति पैदा कर सकता है। जज की इस टिप्पणी ने न्याय मिलने में होने वाली देरी के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।

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‘तारीख पर तारीख’ का भी किया जिक्र

फैसले के दौरान जज रवि दिवाकर ने चर्चित हिंदी फिल्म ‘दामिनी’ के संवाद ‘तारीख पर तारीख मिलती है, न्याय नहीं’ का भी उल्लेख किया। इस संदर्भ के जरिए अदालत ने लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों और न्यायिक प्रक्रिया में देरी की ओर ध्यान आकर्षित किया। टिप्पणी में इस बात को रेखांकित किया गया कि मुकदमे के निपटारे में अत्यधिक समय लगना संबंधित व्यक्ति के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है।

नई मंडी पुलिस ने की थी गिरफ्तारी

मामला मुजफ्फरनगर की नई मंडी कोतवाली से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नशीले पदार्थ से संबंधित प्रकरण में पुलिस ने अशोक भारती को गिरफ्तार किया था। उन्हें 21 अक्टूबर 2025 को जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी।

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अदालत के फैसले के बाद चर्चा में आया मामला

अब अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद अशोक भारती को दोषमुक्त कर दिया है। फैसले के साथ ही जज रवि दिवाकर की 10 साल तक मुकदमा चलने और अदालत के चक्कर लगाने को लेकर की गई टिप्पणी भी चर्चा में है। अदालत की टिप्पणी ने लंबे समय तक चलने वाले आपराधिक मुकदमों में समयबद्ध न्याय और न्यायिक प्रक्रिया की चुनौतियों पर बहस को फिर सामने ला दिया है।

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