लखनऊ: पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के घर ED की छापेमारी में 11 लाख के पुराने नोट बरामद, 80 बेनामी संपत्ति के डॉक्यूमेंट्स भी मिले

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति (Gayatri Prasad Prajapati) के घर और ऑफिस समेत कई अन्य ठिकानों पर प्रवर्दन निदेशालय की टीम द्वारा की गई छापेमारी में कई अहम डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को ईडी ने गायत्री प्रजापति, उनके बेटे और करीबियों के घर व दफ्तर समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। इस दौरान 80 संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। साथ ही उनके लखनऊ स्थित ऑफिस से 11 लाख रुपये के पुराने नोट भी बरामद हुए हैं। इसके अलावा ड्राइवर के नाम पर 200 करोड़ की संपत्ति के सबूत हाथ लगने की बात सामने आ रही है।


ईडी ने लखनऊ में बिजनौर रोड स्थित गायत्री के बेटे की कंपनी के आफिस, हैवेलक रोड स्थित गायत्री के आवास, अमेठी स्थित गायत्री और उनके एक करीबी के आवास पर छापा मारा। इन ठिकानों पर जांच की कार्रवाई देर रात तक जारी रही। गायत्री के के आफिस से 1.5 लाख रुपये नकद बरामद हुआ, जबकि 11 लाख रुपये के पुराने प्रतिबंधित किए जा चुके नोट भी बरामद हुए।


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गायत्री प्रजापति के बेटे अनिल प्रजापति ने काला धन सफेद करने की नीयत से कई मुखौटा कंपनियां बनाई थीं। इसी तरह अमेठी स्थित गायत्री के घर पर भी ईडी ने छापा मारा। साथ ही गायत्री के बेहद करीबी रहे उनके एक ड्राइवर के ठिकाने की भी तलाशी ली गई। इस ड्राइवर के नाम पर करोड़ों की बेनामी संपत्तियां खरीदी गई हैं।


ईडी की जांच में सामने आया है कि गायत्री ने अपने कई ऐसे करीबियों के नाम पर संपत्तियां खरीदी हैं, जिनकी खुद की माली हालत बेहद खराब है। वे गायत्री के यहां ड्राइवर या घरेलू नौकर के रूप में काम कर रहे थे। ईडी इससे पहले गायत्री प्रजापति और उनके बेटों के अलावा कई ऐसे लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जिनके नाम पर संमत्तियों का लेन-देन हुआ है।


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गायत्री प्रजापति वैसे तो रेप के एक मामले में जेल में हैं लेकिन वह खनन घोटाले समेत कई अन्य आपराधिक मुकदमों में भी नामजद हैं। खनन घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। सीबीआई भी उनसे लंबी पूछताछ कर चुकी है। सीबीआई के मुकदमे को ही आधार बनाकर ईडी ने प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। 


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