UP: अमेठी जिले में आपराधिक मामलों में नामजद शस्त्र लाइसेंसधारकों पर प्रशासन की नजर सख्त हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने ऐसे लोगों के लाइसेंसों की समीक्षा शुरू कर दी है, जिनके खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस कार्रवाई के दायरे में फिलहाल 65 लाइसेंसधारी आए हैं, जिन पर लाइसेंस निरस्तीकरण की तलवार लटक रही है।
पुलिस रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी संजय चौहान ने पुलिस विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक मामले का अलग-अलग परीक्षण किया जाएगा। यदि जांच में यह पाया गया कि लाइसेंसधारी का आचरण या उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे शस्त्र लाइसेंस की शर्तों के विपरीत हैं, तो उसके लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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कई थाना क्षेत्रों से सामने आए मामले
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल करीब 10,500 शस्त्र लाइसेंस जारी हैं। इनमें सबसे अधिक 12 संदिग्ध मामले जगदीशपुर थाना क्षेत्र से सामने आए हैं। कमरौली और भाले सुल्तान में 8-8, मुंशीगंज में 7 तथा संग्रामपुर में 6 लाइसेंसधारी ऐसे पाए गए हैं जिनके खिलाफ एक से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अन्य थाना क्षेत्रों में भी कई नाम जांच के दायरे में हैं।
रसूखदारों के नाम आने से बढ़ी हलचल
सूत्रों के मुताबिक जांच सूची में कुछ प्रभावशाली और राजनीतिक पहुंच रखने वाले लोगों के नाम भी शामिल हैं। आरोप यह भी है कि आपराधिक मामलों के बावजूद ऐसे लोगों को शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए या उनका नवीनीकरण किया गया। अब न्यायालय की सख्त टिप्पणी के बाद प्रशासन पूरे मामले की गहन समीक्षा कर रहा है।
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तीन थाना क्षेत्रों में नहीं मिला कोई मामला
जांच के दौरान एक सकारात्मक तथ्य भी सामने आया है। गौरीगंज, रामगंज और इन्हौना थाना क्षेत्रों में ऐसा कोई लाइसेंसधारी नहीं मिला, जिसके खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हों। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सभी मामलों में नियमों के अनुरूप निष्पक्ष और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


















































