रायबरेली : रायबरेली जिले में बाइक चोरों का आतंक अब बीते दिनों की बात होने वाली है। रायबरेली पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो भीड़भाड़ वाले इलाकों में नजर गड़ाकर पलक झपकते ही मोटरसाइकिलें पार कर देता था। पुलिस ने इस मामले में 04 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 05 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
भीड़ में रेकी और फिर ‘हाथ साफ’
पकड़े गए आरोपियों का काम करने का तरीका किसी फिल्म से कम नहीं था। यह गिरोह पहले भीड़भाड़ वाली जगहों पर रेकी करता था। जैसे ही कोई व्यक्ति अपनी बाइक खड़ी कर काम में व्यस्त होता, ये चोर मौका पाकर बाइक लेकर चंपत हो जाते। इनकी फुर्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऊंचाहार और कोतवाली नगर जैसे क्षेत्रों से इन्होंने कई वारदातें अंजाम दी थीं।
मैकेनिक का ‘मेकओवर’ खेल : मिटा देते थे इंजन नंबर
पुलिसिया पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने सबको चौंका दिया। आरोपी सौरभ पाण्डेय और शिवा पाल बाइक चोरी करने के बाद उसे नफीस उर्फ कल्लू नाम के एक मिस्त्री को बेच देते थे। कल्लू अपनी रिपेयरिंग की दुकान की आड़ में इन बाइकों का ‘हुलिया’ बदल देता था। वह न केवल बाइक का रंग-रूप बदलता, बल्कि चेसिस और इंजन नंबर भी मिटा देता था ताकि पकड़े जाने का कोई सबूत न बचे।
घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
सीओ डलमऊ गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत ऊंचाहार पुलिस और कोतवाली नगर पुलिस की टीम ने मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाया। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से सौरभ, शिवा, नफीस और कन्धई रैदास को गिरफ्तार किया। आरोपी कन्धई रैदास तो इतना शातिर है कि उस पर पहले से ही चोरी और गैंगस्टर एक्ट जैसे आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।












































