UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि मुहर्रम शोक और मातम का पर्व है, इसलिए इस दौरान किसी भी प्रकार के शक्ति प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में शांति और सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अस्त्र-शस्त्र और तेज आवाज वाले डीजे पर प्रतिबंध
मंगलवार को कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुहर्रम के दौरान अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन, नई परंपराओं की शुरुआत, कानफोड़ू डीजे और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुसार रखने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को मुहर्रम की तैयारियों के लिए पहले से ही विभिन्न समुदायों के लोगों से संवाद स्थापित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए और 10 से 12 फीट से अधिक ऊंचे ताजियों की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी की धार्मिक आस्थाओं का सम्मान किया जाएगा, लेकिन किसी भी नई परंपरा को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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हर गांव और वार्ड में होगा योग दिवस का आयोजन
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के तहत 21 जून को प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी कराया जाएगा और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में योग कार्यक्रम आयोजित हों। इसके अलावा अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास कराया जाए तथा शहरी क्षेत्रों के 14 हजार वार्डों में कार्यक्रम स्थलों का चयन किया जाए।
योग दिवस से पहले चलेगा स्वच्छता अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 जून को शिक्षण संस्थानों के सहयोग से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। साथ ही सभी पुलिस लाइनों और पीएसी बटालियनों में भी योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय
जन शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ जिलों में शिकायतों के समाधान की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे जिलों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
जिन जिलों में सीएमओ नहीं, वहां तीन दिन में हो तैनाती
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के पद रिक्त हैं, वहां मेरिट के आधार पर अगले तीन दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।















































