‘छाती कूट रुदाली गान करने लगे…’, सूर्या हत्याकांड के आरोपी असद के एनकाउंटर पर सियासत तेज, ओपी राजभर ने सपा पर साधा निशाना

सूर्या हत्याकांड: गाजियाबाद (Ghaziabad) के चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड (Surya Murder Case) के आरोपी असद (Asad) के पुलिस एनकाउंटर के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई द्वारा एनकाउंटर पर सवाल उठाए जाने के बाद यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने कहा कि सूर्या चौहान की हत्या के समय सपा नेताओं की ओर से न तो घटना की निंदा की गई और न ही पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अब जब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है, तो सपा नेता उसके समर्थन में बयान दे रहे हैं।

ओम प्रकाश राजभर का एक्स पोस्ट 

अखिलेश यादव जी, जरा अपने प्रवक्ताओं को इंसानियत का पाठ पढ़ाइए!बकरीद पर आपके वोटर असद ने मासूम सूर्या चौहान की कुर्बानी दे दी और सोशल मीडिया में फक्र से वीडियो डालता रहा… जब पुलिस ने उसे मुठभेड़ में ठोंका तो आपके प्रवक्ता छाती कूट रुदाली गान करने लगे… कह रहे हैं कि उन्हें ऐसी कानून व्यवस्था नहीं चाहिए। तो कैसी व्यवस्था चाहिए आपको…? क्या पीडीए यानी ‘पीट देगा अहीर’ और ‘पीट देगा अल्पसंख्यक’ (सपाई) वाली व्यवस्था चाहिए?अरे अखिलेश यादव जी, बेचारा सूर्या चौहान तो 17 साल का लड़का था, मूंछ के बाल भी ढंग से नहीं फूटे थे उसके। अगर यूपी पुलिस की कार्रवाई से उसके परिवार को न्याय मिला तो आप और आपके प्रवक्ताओं के घर में मातम क्यों पसर गया? कल आपके प्रवक्ताओं के घर में चूल्हा क्यों नहीं जला? थोड़ा तो शर्म कीजिए।

आप तो मुंह में दही जमाकर बैठे हैं। सूर्या चौहान की निर्मम हत्या की निंदा तो छोड़िए, अब तक आपके मुंह से उस परिवार के प्रति संवेदना के दो शब्द भी नहीं फूटे हैं। वोट बैंक के लिए आप लोग कितने घटिया स्तर पर उतर सकते हैं, ये यूपी ही नहीं पूरा देश देख रहा है। बहुजन साथियों देख लेना! जब अगली बार ट्विटर, एसी और पीसी वाले नेता जी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, तब असद के एनकाउंटर पर छाती पीटते और मातम मनाते दिखेंगे। नए यूपी की मजबूत कानून व्यवस्था की जगह अपने पीडीए यानी ‘पीट देगा अहीर’ व्यवस्था की तारीफ करेंगे, लेकिन इनके वोटरों द्वारा पिछले कुछ दिनों से अमेठी, चंदौली, लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य जनपदों में बहुजनों पर किए जा रहे अत्याचार पर इनका मुंह नहीं खुलेगा। सूर्या को तो छोड़ ही दीजिए।सपाइयों शर्म करो…चुल्लू भर पानी में डूब मरो

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अमीक जामेई ने एनकाउंटर पर उठाए थे सवाल

दरअसल, गाजियाबाद में सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई ने एनकाउंटर की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि आरोपी पहले से पुलिस की हिरासत में था और बाद में उसका एनकाउंटर कर दिया गया। अमीक जामेई ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा था कि कानून के शासन में हर कार्रवाई पारदर्शी और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए।

एनकाउंटर के बाद राजनीतिक बयानबाजी जारी

असद के एनकाउंटर के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। एक ओर सत्तापक्ष पुलिस कार्रवाई को न्याय की दिशा में उठाया गया कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष इस कार्रवाई की वैधता और प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में यह मामला अब कानून व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बन गया है।

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