UP: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों की नदियों पर भी नजर आने लगा है। मुरादाबाद में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, मौजूदा समय में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन एहतियात के तौर पर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
रामगंगा के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर
रामगंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया है। नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जलस्तर में होने वाले बदलावों की जानकारी जुटाई जा रही है। परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
Also Read: बुंदेलखंड में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा! केन-यमुना उफान पर, चिल्ला घाट पर भी बढ़ा जलस्तर
बाढ़ चौकियां सक्रिय, कर्मचारियों की तैनाती
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिले में बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। इन चौकियों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। प्रशासन की टीमें लगातार संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने रामगंगा नदी और उसके आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने और बच्चों को जलधारा से दूर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और स्थिति से जुड़ी जानकारी के लिए केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही नदी
प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है और स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में जारी बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां बनाए हुए है।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)


















































