UP: वाराणसी में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव शुक्रवार को और तेज हो गया। एक दिन पहले राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के जवाब में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
‘मंत्री की छवि खराब करने का प्रयास’
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि गुरुवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल के पोस्टर पर चप्पल-जूते मारने और उस पर थूकने जैसी हरकत कर उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। भाजपा ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।
सपा नेतृत्व पर भाजपा का हमला
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए। उनका कहना था कि सपा नेतृत्व भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति सम्मान नहीं रखता। इसी नाराजगी के चलते भाजपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का पुतला फूंककर विरोध जताया और सपा विरोधी नारे लगाए।
चंदौली के बयान से शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि पूरे विवाद की शुरुआत राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल के चंदौली में दिए गए एक बयान के बाद हुई। इस बयान को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को वाराणसी में विरोध प्रदर्शन किया और मंत्री के पोस्टर के साथ प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
दोनों दलों के बीच बढ़ी राजनीतिक गर्माहट
रविंद्र जायसवाल के बयान के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच खुली राजनीतिक नोकझोंक में बदलता नजर आ रहा है। पहले सपा ने मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया, वहीं अब भाजपा ने अखिलेश यादव का पुतला दहन कर पलटवार किया है। इससे प्रदेश की सियासत में दोनों दलों के बीच बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन का दौर और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
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