UP: निजी डाटा मांगें जाने का विरोध करते हुए भाकपा (माले) ने जताया विरोध, जूलूस निकाल किया प्रदर्शन

मिर्ज़ापुर: पुलिस प्रशासन द्वारा निजी डाटा कलेक्ट किए जाने का विरोध करते हुए भाकपा (माले) ने खुला विरोध करते हुए इसे निजता का हनन बताया है। गुरुवार को भाकपा माले उत्तर प्रदेश, जिला इकाई मिर्ज़ापुर के तत्वावधान में भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने रामबाग से विरोध जुलूस निकाला जो अस्पताल रोड, कचहरी होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना प्रदर्शन में परिवर्तित हो गया।

इस दौरान कामरेड अमरेश चन्द्र भारतीय ने जिले के कोने कोने से एकत्र हुए आदिवासी, वनवासी, गरीब दलित वंचित समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा भाकपा माले कार्यकर्ताओं को उनका डेटा एकत्र करने के साथ मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। पूंजिपतियों की हिमायती सरकार के इशारे पर आदिवासी वनवासी समाज की लड़ाई लड़ने वाले लोगों को परेशान करने का नया तरीका इजाद किया गया है।

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दुनियां के मजदूरों एक हो का आह्वान करते हुए कहा उत्तर प्रदेश को पुलिस राज के बाद “निगरानी राज” (सर्विसंस स्टेट) बनाने की साजिश प्रशासन द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं से निजी डाटा कलेक्ट करने के खिलाफ निजता रक्षा कानून की रक्षा के लिए जिला मुख्यालय चलों अभियान के तहत धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंप विरोध जताया।

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वक्ताओं ने कहा निजी डाटा कलेक्ट करने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। जन आंदोलनों को कुचलने के लिए सरकार का यह फंडा है, जिसका हम सभी विरोध करते हैं। कामरेड जीरा भारती ने कहा सरकार के इशारे पर गरीब, दलित समाज के लोगों पर फर्ज़ी मुकदमे लादे जा रहें हैं। वर्षों से जंगलों में रहते हुए आएं आदिवासी वनवासी मुसहर समाज के लोगों को बेघर किया जा रहा है। वन विभाग के तुगलकी फरमान से आदिवासी समाज का बुराहाल हो उठा है। एक तरफ़ जहां पूंजिपतियों को जंगल सौंप दिए जा रहे हैं तो दूसरी ओर वनों जंगलों की सुरक्षा करते हुए आएं वनवासी आदिवासी लोगों को उजाड़ा जा रहा है। सरकार की यह दोहरी चाल घातक है।

अंत में वक्ताओं ने निजी डाटा मांगें जाने का पुरजोर विरोध करते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते हुए तत्काल इस पर रोक लगाने की मांग की। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में भाकपा माले सहित विभिन्न क्षेत्रों से चलकर आएं आदिवासी वनवासी समाज के महिला पुरूष हाथों में लाल झंड़ा लेकर एकत्र हुए थें।

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