UP: इटावा में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे CyVazra अभियान के तहत इटावा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी कंपनी ‘एग्रो मार्ट’ के नाम पर किसानों और अनाज कारोबारियों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के कथित सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी व्यापारिक संस्थानों की आड़ में ठगी का नेटवर्क खड़ा कर रखा था।
सस्ते अनाज का लालच देकर फंसाते थे कारोबारी
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य IndiaMART पर पंजीकृत व्यापारियों की जानकारी जुटाकर उनके मोबाइल नंबर हासिल करते थे। इसके बाद फोन के जरिए सरसों, मक्का और अन्य अनाज बाजार भाव से कम कीमत पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया जाता था। सौदा तय होने के बाद आरोपियों द्वारा फर्जी कंपनियों के नाम और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर व्यापारियों से कुल रकम का करीब 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा एडवांस में बैंक खातों में जमा कराया जाता था।
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20 बैंक खातों में हुआ 7.10 करोड़ का लेनदेन
पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम प्राप्त होने के बाद आरोपी पीड़ितों से दोबारा भुगतान की मांग करते थे। पैसे देने से इनकार करने या शिकायत करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जाती थी। जांच के दौरान करीब 20 चालू बैंक खातों में 7.10 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। वहीं, NCRP पोर्टल पर इस गिरोह से जुड़ी करीब 25 शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें लगभग 45 लाख रुपये की ठगी का उल्लेख है।
चार आरोपी गिरफ्तार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कार बरामद
सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रतीक सक्सेना, विकास, आकाश बाथम और प्रवेश कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, प्रिंटर, छह सिम कार्ड, फर्जी दस्तावेज, अनाज के सैंपल और XUV 700 कार समेत कई सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दूसरे राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस गिरोह से कितने लोग जुड़े हैं और किन-किन राज्यों में इनके जरिए लोगों को निशाना बनाया गया। साथ ही बैंक खातों में हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन और ठगी की रकम के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच और कार्रवाई लगातार जारी है।
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