UP: फतेहपुर हसवा फायरिंग प्रकरण की जांच में पुलिस ने अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर घटना को लेकर अहम जानकारी सामने रखी है। पुलिस अधीक्षक फतेहपुर अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि रिंकू लोहारी पक्ष की ओर से बलराम मिश्रा समेत कुछ अन्य लोगों को मौके पर लाया गया था। ये सभी गाजीपुर थाना क्षेत्र के शिवरामऊ गांव के निवासी बताए गए हैं।
बलराम मिश्रा समेत लोगों पर फायरिंग का आरोप
पुलिस के मुताबिक, जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर फायरिंग किए जाने की बात रिंकू लोहारी पक्ष के साथ आए लोगों से जुड़ रही है। इनमें कुछ आरोपितों का पूर्व आपराधिक इतिहास भी पुलिस जांच में सामने आया है। वहीं, पुलिस को अब तक वीरेंद्र सिंह पक्ष की ओर से फायरिंग किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
रिंकू लोहारी समेत पांच गिरफ्तार
एसपी ने बताया कि मामले में पुलिस ने रिंकू लोहारी समेत उसके चार अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में इस्तेमाल किए गए असलहों की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। साथ ही फरार चल रहे अन्य वांछित आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
दीपू पटेल और गजानन मिश्रा पर 25-25 हजार का इनाम
पुलिस ने प्रकरण में मुख्य रूप से वांछित दीपू पटेल और गजानन मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया है। दोनों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार रखा गया है। पुलिस टीमें दोनों आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि मामले में अब तक सामने आए साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















































