रायबरेली: रायबरेली जिले में ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों को लेकर बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। सहकारी समितियों एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग की ऑडिट रिपोर्ट में 38 ग्राम पंचायतों में करीब 3.51 करोड़ रुपये के भुगतान का हिसाब स्पष्ट नहीं मिला है। जांच के दौरान संबंधित विकास कार्यों से जुड़े जरूरी अभिलेख और दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए, जबकि कागजी स्तर पर इन कार्यों का भुगतान किया जा चुका था।
980 पंचायतों के ऑडिट में सामने आया मामला
वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले की 980 ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों की ऑडिट टीम ने जांच की। इसी दौरान कई पंचायतों में भुगतान से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। ऑडिट में मिली इन अनियमितताओं की जानकारी संबंधित विभाग ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर दी, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
डीपीआरओ ने पूर्व प्रधानों और सचिवों को भेजे नोटिस
जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह के मुताबिक, 38 ग्राम पंचायतों में बिना पर्याप्त अभिलेखों के भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। संबंधित पंचायतों के पूर्व प्रधानों और पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में भुगतान और विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में संबंधित धनराशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
बेलाभेला पंचायत में सबसे ज्यादा अनियमितता
ऑडिट रिपोर्ट में राही ब्लॉक की बेलाभेला ग्राम पंचायत में सबसे अधिक 1,65,88,409 रुपये की वित्तीय अनियमितता दर्ज की गई है। इसके अलावा डीह ब्लॉक की अहल पंचायत में 48,27,503 रुपये और निगोही में 28,03,175 रुपये का मामला सामने आया है। वहीं बंडई लालगंज में 8.10 लाख, माधोपुर निनैंया सलोन में 7.40 लाख, सोहवल डलमऊ में 7.10 लाख, मुरारमऊ सरेनी में 5,27,428 रुपये और रामपुर गहिरखेत डलमऊ में 5.20 लाख रुपये की अनियमितता पाई गई है।
कई अन्य पंचायतें भी जांच के दायरे में
ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर पिंडारीकला, बरउआ, अतरेहटा, हरदोई, मैदापुर, बासीपरान, उबरनी, चंदा, धनाबाद, पड़िराकला, बिन्नवा, सांई और कोरचंदामऊ समेत कुल 38 ग्राम पंचायतों के पूर्व प्रधानों और पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित लोगों से धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी। कार्रवाई की सूचना के बाद संबंधित पंचायतों के पूर्व प्रधानों और सचिवों में हड़कंप की स्थिति है।



















































