UP: बलिया में रातों-रात जमीन पर दबंगों का कब्जा, लेखपाल ने कहा- शरीफ हो, जमीन बेचकर चले जाइए; CM से लगाई गुहार

UP: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से भूमि कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। बांसडीह तहसील के जितौरा गंगोली गांव में एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि कुछ दबंगों ने उसकी खरीदी हुई जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। पीड़ित का कहना है कि रातों-रात जमीन पर रास्ता बना दिया गया और अब उसी भूमि की प्लाटिंग कर अन्य लोगों को बेचा जा रहा है। मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप लगाया गया है।

9 महीने पहले खरीदी थी जमीन, अब कब्जे का दावा

पीड़ित शशांक चतुर्वेदी, जो बलिया के टैगोर नगर के निवासी हैं, ने बताया कि उन्होंने लगभग नौ महीने पहले जितौरा गंगोली गांव में 16 कट्ठा जमीन विधिवत खरीदी थी। उनके अनुसार, जमीन से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। बावजूद इसके, स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया और वहां रास्ता निकालने के साथ प्लॉट काटकर बिक्री शुरू कर दी।

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‘कार्रवाई की जगह जमीन बेचने की सलाह मिली’

शशांक का आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल सहित राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जब वे अपनी शिकायत लेकर क्षेत्रीय लेखपाल के पास पहुंचे तो कार्रवाई करने के बजाय उन्हें यह सलाह दी गई कि वे जमीन दबंगों को बेचकर विवाद से दूर हो जाएं। इस कथित टिप्पणी के बाद पीड़ित ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।

पत्नी ने धमकी देने का लगाया आरोप

पीड़ित की पत्नी अनामिका चतुर्वेदी का आरोप है कि जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। उनका कहना है कि विरोध करने पर कथित दबंगों ने झूठे एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। उन्होंने कहा कि इस कारण पूरा परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है।

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मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

स्थानीय स्तर पर समाधान न मिलने से निराश शशांक चतुर्वेदी ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि उनकी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। फिलहाल मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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