उत्तर प्रदेश : 7 महीनों से गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, बीमारियों का खतरा बढ़ा; डीएम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग

चंदौली : पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर मुगलसराय, महाबलपुर सहित आसपास के गांवों में पिछले कई महीनों से जल निगम द्वारा दूषित और गंदे पानी की आपूर्ति किए जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है. ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं, जिससे लोग मजबूरी में गंदा पानी छानकर पीने को विवश हैं और बच्चों सहित कई लोग बीमार पड़ रहे हैं.

स्थानीय निवासी डॉ. हरियर सिंह ने बताया कि वह पिछले लगभग 7 महीनों से इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. उनके अनुसार पहले महापुर-दूलहीपुर की पानी की टंकी से 30 से 35 गांवों में जलापूर्ति होती थी, लेकिन अब अलग-अलग गांवों में नई टंकियां बनने के बावजूद लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा है.

उन्होंने कहा कि जल निगम द्वारा लगातार गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिसकी शिकायत जिलाधिकारी और शासन के शिकायत पोर्टल पर कई बार की गई. शिकायतों के निस्तारण का संदेश तो मिला, लेकिन धरातल पर स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है.

Also Read – उत्तर प्रदेश : बाराबंकी में भैंस चराने निकले दो बच्चों की नदी में डूबने से मौत, गांव में पसरा मातम

डॉ. हरियर सिंह ने जिलाधिकारी से मांग की कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए तत्काल स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने कहा कि गांव के लोगों के पास पानी का कोई दूसरा विकल्प नहीं है, इसलिए वे मजबूरी में दूषित पानी छानकर पी रहे हैं.

वहीं ग्रामीण छोटेलाल ने बताया कि पिछले 6 महीनों से गंदा पानी पीने के कारण उनके घर के बच्चे तक बीमार हो गए हैं. उन्होंने कहा कि सचिव और जल निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला. उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की अपील की.

ग्रामीण अमित शर्मा ने भी जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले करीब तीन महीनों से पानी की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है. कई बार पानी समय पर नहीं आता और पिछले कुछ सप्ताह से तो सप्लाई भी बंद जैसी स्थिति है. उन्होंने बताया कि गांव की पानी की टंकी काफी पुरानी हो चुकी है. पहले इसी टंकी से आसपास के कई गांवों तक पानी पहुंचता था, लेकिन अब हालत यह है कि टंकी के आसपास रहने वाले लोगों को भी पर्याप्त और स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे. फिलहाल सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)