गोण्डा: श्रमिकों, किसानों, खेत मजदूरों, कर्मचारियों, योजना कर्मियों, युवाओं एवं आम जनता की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को जिला पंचायत टीन शेड कचहरी, गोण्डा में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों एवं स्वतंत्र फेडरेशनों की आयोजन समिति देवीपाटन मंडल की ओर से जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन अखिल भारतीय ट्रेड यूनियनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आयोजित किया गया।
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम 20 सूत्रीय मांग-पत्र उप जिलाधिकारी पंकज वर्मा के माध्यम से भेजा। इस दौरान बड़ी संख्या में मजदूर, किसान, कर्मचारी, महिला कर्मी, युवा और विभिन्न यूनियनों के सदस्य मौजूद रहे।
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सभा को सीटू के प्रदेश उपाध्यक्ष कौशलेंद्र पांडेय, एटक के सत्यनारायण त्रिपाठी, पूर्वांचल चीनी मिल कर्मचारी यूनियन के ईश्वर शरण, किसान सभा संयोजक अमित शुक्ला, खेत मजदूर यूनियन के खगेंद्र जनवादी एवं मोहर्रम अली, स्कीम वर्कर्स समन्वय समिति के दिलीप शुक्ला, आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की रानी देवी पाल एवं मीनाक्षी खरे, आशा कर्मचारी यूनियन की मुन्नी सिंह, संतोषी देवी व पूजा पाण्डेय समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों और किसानों के अधिकारों पर हमला तथा सार्वजनिक संपत्तियों का निजीकरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने श्रम संहिताओं को वापस लेने, 42 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी लागू करने, किसानों को C2+50 प्रतिशत MSP की कानूनी गारंटी देने, मनरेगा में 200 दिन काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने तथा निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की।
इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा असंगठित और योजना श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया। सभा में विभिन्न कर्मचारी एवं मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने अधिकारों के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही।



















































