भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के द्वारा प्रायोजित विश्व दर्शन दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 21 फरवरी 2026 को महायोगी गुरु श्रीगोरखनाथ शोधपीठ में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन “भारतीय दर्शन एवं नाथ पंथ“ विषय पर किया जाएगा।
इस संगोष्ठी के विवरणिका का विमोचन गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, महायोगी गुरु श्रीगोरखनाथ शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्र, सहायक निदेशक डॉ. सोनल सिंह, सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार के द्वारा किया गया।
संगोष्ठी की विवरणिका का विमोचन करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह संगोष्ठी विश्वविद्यालय के शोध के वातावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय परंपराओं विशेषकर नाथ पंथ के दार्शनिक, ऐतिहासिक, उपादेयता और व्यावहारिक आयामों पर पर चर्चा-परिचर्चा करना है।
इस संगोष्ठी के संयोजक एवं शोधपीठ के उपनिदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्र ने बताया कि इस संगोष्ठी में देश के प्रतिष्ठित विद्वान विशेष रुप से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से प्रो. ज्योत्सना श्रीवास्तव, मगध विश्वविद्यालय, गया के डॉ. अनूप पति तिवारी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के प्रो. गोविंद प्रसाद मिश्र, बी. आर. डी. कॉलेज, बरहज के प्रो. सूरज प्रकाश गुप्ता अपने विचार साझा करेंगे, जिससे इन विषयों की गहरी समझ विकसित होगी। इस अवसर पर शोधपीठ के शोध अध्येता डॉ. हर्षवर्धन सिंह एवं चिन्मयानन्द मल्ल उपस्थित रहे।
INPUT-ANANYA MISHRA

















































