गोरखपुर: गोरखपुर (Gorakhpur) में ट्रैफिक जाम (Traffic) और पुलिस की जवाबदेही बढ़ाने के लिए एक अनोखी और प्रभावी पहल शुरू की गई है। एसएसपी गोरखपुर के आदेश के बाद शहर के व्यस्त बाजारों, मुख्य चौराहों और प्रमुख सड़कों पर बड़े अक्षरों में संबंधित थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी का नाम तथा उनका मोबाइल नंबर लिखवाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि किसी स्थान पर लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रहती है या ट्रैफिक व्यवस्था ठीक नहीं हो रही है, तो आम नागरिक सीधे जिम्मेदार अधिकारी को फोन कर शिकायत कर सकें।
एसएसपी के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई
एसएसपी गोरखपुर ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यह निर्देश जारी किया था। आदेश के तुरंत बाद पुलिस की टीमों ने प्रमुख स्थानों पर बड़े-बड़े बोर्ड लगवाए। इन बोर्डों पर स्पष्ट रूप से लिखा है:
- थाना/चौकी का नाम थाना प्रभारी/
- चौकी प्रभारी का नाम
- उनका आधिकारिक मोबाइल नंबर
यह बोर्ड मुख्य चौराहों जैसे गोलघर, रेलवे स्टेशन चौराहा, बैंक रोड, माया कुंज, बेटिया हाता, गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र, कैम्पियरगंज, पीपीगंज, गुलरिहा और अन्य व्यस्त बाजारों में लगाए गए हैं।
उद्देश्य और फायदा
एसएसपी ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। अब लोगों को थाने जाने या 112 पर कॉल करने की बजाय सीधे स्थानीय थाना प्रभारी या चौकी प्रभारी को फोन करके जाम या ट्रैफिक की समस्या बता सकेंगे। इससे समस्या का त्वरित समाधान होगा और जिम्मेदार अधिकारी की जवाबदेही भी बढ़ेगी।
जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। बाजार व्यापारियों और आम नागरिकों का कहना है कि इससे ट्रैफिक पुलिस और थाना प्रभारी अधिक सतर्क रहेंगे। कई लोगों ने कहा कि पहले जाम लगने पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आता था, लेकिन अब नाम और नंबर देखकर सीधे फोन किया जा सकता है।
ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के अन्य कदम
एसएसपी ने बताया कि यह पहल ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक कदम है। इसके अलावा शहर में प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है, सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती बरती जा रही है।
आगे की योजना
पुलिस ने कहा कि इस पहल को सफल बनाने के लिए नियमित रूप से बोर्डों की जांच की जाएगी और अगर कोई बोर्ड क्षतिग्रस्त हो तो उसे तुरंत बदलवाया जाएगा। साथ ही थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायत मिलने पर 30 मिनट के अंदर समस्या का समाधान करें।









































