सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक में डीएम सख्त, योजनाओं की प्रगति तेज करने के दिए निर्देश

गोरखपुर। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (सीएम डैशबोर्ड) की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, फ्लैगशिप कार्यक्रमों और निर्माण कार्यों की प्रगति का गहन आकलन किया गया। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान डीएम ने विभागवार समीक्षा करते हुए सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित ग्रेडिंग और रैंकिंग की स्थिति का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग हो रही है, ऐसे में जनपद की रैंकिंग बेहतर बनाए रखना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिन विभागों की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई, उन्हें कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।

डीएम दीपक मीणा ने स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, ग्रामीण विकास, आवास, पेयजल, विद्युत, सड़क निर्माण, पेंशन योजनाओं सहित विभिन्न प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कराई। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

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स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सीएमओ को निर्देशित किया गया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए और अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। वहीं, पोषण अभियान और अन्य सामाजिक योजनाओं में भी सुधार लाने पर जोर दिया गया।

ग्रामीण विकास एवं मनरेगा से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि रोजगार सृजन के साथ-साथ विकास कार्यों की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाओं में पात्र लाभार्थियों का चयन पारदर्शिता के साथ किया जाए और निर्माण कार्यों को समय से पूर्ण कराया जाए।

जल जीवन मिशन और पेयजल आपूर्ति योजनाओं पर विशेष जोर देते हुए डीएम ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल की समस्या नहीं रहनी चाहिए। जहां भी कार्य अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

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विद्युत विभाग की समीक्षा में डीएम ने निर्देश दिया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। खराब ट्रांसफार्मरों को समयबद्ध तरीके से बदला जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाए।

शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई। डीएम ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी आवश्यक है।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी विभाग अपने-अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें और फील्ड स्तर पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें। आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर नहीं होना चाहिए, इसके लिए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।

डीएम ने स्पष्ट किया कि सीएम डैशबोर्ड केवल आंकड़ों का मंच नहीं, बल्कि जनपद की वास्तविक प्रगति का प्रतिबिंब है। इसलिए सभी अधिकारी अपने कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करें, ताकि जनपद गोरखपुर की रैंकिंग में निरंतर सुधार हो सके।

बैठक में ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट मुकुल खंडेलवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह, परियोजना निदेशक संदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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