NCERT ने आखिर कौनसी गलती कर दी जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट से मांगनी पड़ी माफी!

एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सोशल साइंस के ज्यूडिशियरी से जुड़े चैप्टर पर बड़ा यूटर्न लिया है.एनसीईआरटी ने ‘ज्यूडिशियल करप्शन’ वाले चैप्टर को हटाने का फैसला किया है. उसने किताब विवाद को अपनी गलती मानी है और इसके लिए माफी मांगी है. सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को ही सीजेआई सूर्यकांत ने फटकार लगाई थी. इसके बाद आधी रात को बयान जारी कर एनसीईआरटी ने खेद जताया है. एनसीईआरटी ने बयान जारी कर कहा कि उससे अनजाने में गलती हुई है और वह इसके लिए खेद जता रहा है. इतना ही नहीं, संस्था ने कहा कि आगे से ऐसी गलती नहीं होगी और नई संशोधित किताब बच्चों को दी जाएगी. बता दें कि आज एनसीईआरटी किताब मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई है।

दरअसल, एनसीईआरटी (NCERT) ने 24 फरवरी 2026 को कक्षा 8 के लिए ‘Exploring Society: India and Beyond, Vol II’ नाम की सोशल साइंस भाग-2 की किताब जारी की थी. किताब आने के बाद यह देखा गया कि चैप्टर 4 ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ (पेज 125-142) पर है. इसके बाद बवाल हुआ. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. खुद सीजेआई सूर्यकांत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वत: संज्ञान लिया. इसके बाद एनसीईआरटी ने कहा कि उससे अनजाने में कुछ अनुचित पाठ्य सामग्री और निर्णय सम्बन्धी त्रुटि शामिल हो गई है।

इस पर शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने भी आपत्ति जताई और किताब के वितरण पर अगला आदेश आने तक रोक लगाने के निर्देश दिए. NCERT ने इस निर्देश का पालन करते हुए किताब की बिक्री रोक दी है. NCERT ने बयान जारी कर कहा कि वह न्यायपालिका का बहुत सम्मान करता है और उसे भारतीय संविधान का रक्षक और मौलिक अधिकारों का संरक्षक मानता है. संस्था ने कहा कि यह गलती पूरी तरह अनजाने में हुई है और इसके लिए खेद व्यक्त किया गया है।NCERT ने स्पष्ट किया कि नई किताबों का उद्देश्य छात्रों में संविधान की समझ, संस्थाओं के प्रति सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी की सही जानकारी बढ़ाना है।

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किसी भी संवैधानिक संस्था की गरिमा को कम करने का कोई इरादा नहीं था. एनसीईआरटी ने कहा कि इस चैप्टर को अथॉरिटी से सलाह लेकर दोबारा लिखा जाएगा और संशोधित किताब शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत में छात्रों को उपलब्ध कराई जाएगी। दरअसल किताब में लिखा गया है कि भ्रष्टाचार, बड़ी संख्या में पेंडिंग मामले और जजों की भारी कमी ज्‍यूडिशियल सिस्टम के सामने प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं। विवाद बढ़ने के बाद NCERT ने किताब की बिक्री पर रोक लगा दी है।

चीफ जस्टिस यानी प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, ‘मैं किसी को भी संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दूंगा. कानून अपना काम करेगा.’ सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘मैं किसी को भी इंस्टीट्यूशन को बदनाम करने की इजाज़त नहीं दूंगा. मुझे पता है कि इससे कैसे निपटना है. यह एक सोची-समझी कार्रवाई प्रतीत होती है. कानून अपना काम करेगा.’ हालांकि, आज इसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है।

INPUT-ANANYA MISHRA 

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