गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (IMLC) अब सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं रह गए हैं, बल्कि यह तेजी से देश के प्रमुख इंडस्ट्रियल और इन्वेस्टमेंट हब के रूप में उभर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की आकर्षक औद्योगिक नीतियों ने इन क्लस्टर्स को निवेशकों के लिए बेहद लाभकारी बना दिया है।
निवेशकों के लिए मजबूत सब्सिडी और टैक्स लाभ
योगी सरकार द्वारा लागू उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत यहां निवेश करने वाली इकाइयों को कई स्तरों पर आर्थिक सहायता दी जा रही है। योग्य निवेश (ECI) पर 42% तक कैपिटल सब्सिडी और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को 300% तक ECI पर 100% SGST रिइम्बर्समेंट का प्रावधान है। इससे शुरुआती लागत में बड़ी कमी आती है और परियोजनाएं अधिक व्यावहारिक बनती हैं।
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भूमि और स्थापना में बड़ी राहत
सरकारी भूमि पर निवेश करने वालों को फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी के रूप में 80% तक की छूट मिल रही है, जबकि कैपिटल सब्सिडी 35% तक दी जा रही है। इसके अलावा, भूमि पंजीकरण पर 100% स्टाम्प ड्यूटी माफी से निवेश प्रक्रिया और भी सस्ती और सरल हो जाती है।
ऊर्जा और नवाचार को बढ़ावा
विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों और बड़े विदेशी निवेशकों को 5 वर्षों तक बिजली शुल्क में 100% छूट दी जा रही है। साथ ही, ग्रीन इंडस्ट्री को 2.5 करोड़ रुपये तक (50% सब्सिडी) और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए 10 करोड़ रुपये तक का ग्रांट उपलब्ध कराया जा रहा है।
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सिंगल विंडो सिस्टम से आसान निवेश प्रक्रिया
निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो पोर्टल को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर 500 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें भूमि आवंटन, स्वीकृति और इंसेंटिव ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
पीएलआई के साथ अतिरिक्त लाभ
गंगा एक्सप्रेसवे IMLC में स्थापित होने वाले उद्योगों को केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के साथ 30% तक का अतिरिक्त टॉप-अप भी दिया जा रहा है। यह सुविधा खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करती है।कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे IMLC तेजी से एक ऐसे औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है, जहां कम लागत, बेहतर सुविधाएं और मजबूत सरकारी समर्थन निवेश को नई ऊंचाई दे रहे हैं।
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