उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे पर आज यानी 29 अप्रैल की रात 12 बजे से टोल वसूली शुरू हो जाएगी। लगभग 593.947 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस कंट्रोल्ड सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत DBFOT (टोल) आधार पर विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा आज इसका औपचारिक उद्घाटन किया जा रहा है।
एंट्री फ्री, एग्जिट पर देना होगा टोल
इस एक्सप्रेसवे की खास बात यह है कि प्रवेश करते समय वाहन चालकों को कोई टोल नहीं देना होगा। जैसे ही वाहन एक्सप्रेसवे पर चढ़ेगा, उसकी जानकारी सेंसर और कैमरों के जरिए रिकॉर्ड हो जाएगी। टोल शुल्क केवल तब लिया जाएगा जब वाहन किसी एग्जिट प्वाइंट से बाहर निकलेगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और कंट्रोल रूम से हर वाहन की गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
19 एंट्री-एग्जिट प्वाइंट और दो मुख्य टोल प्लाजा
गंगा एक्सप्रेसवे पर 12 जिलों में कुल 19 एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा दो मुख्य टोल प्लाजा भी स्थापित किए गए हैं। मेरठ से सफर शुरू करने वाले वाहन जब बुलंदशहर, संभल, बदायूं या अन्य शहरों की ओर उतरेंगे, तो दूरी के हिसाब से टोल वसूला जाएगा।
सुविधाओं से लैस आधुनिक एक्सप्रेसवे
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर हर 100 किलोमीटर पर पेट्रोल और डीजल की व्यवस्था की गई है। सीएनजी स्टेशनों की स्थापना की तैयारी भी जारी है। इसके अलावा यहां यात्रियों को भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। एक्सप्रेसवे पर बनाए गए सुविधा केंद्रों में ईवी चार्जिंग की भी व्यवस्था है, जहां एक साथ कई वाहन चार्ज किए जा सकेंगे।
सुरक्षा के लिए हाईटेक निगरानी
पूरा एक्सप्रेसवे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। टोल प्लाजा पर आधुनिक कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। दुर्घटना की स्थिति में तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
तेज रफ्तार और कम होगा सफर का समय
इस एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। मेरठ से प्रयागराज तक यात्रा अब काफी कम समय में पूरी की जा सकेगी। कार और हल्के वाहनों के लिए टोल दर लगभग 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। इस हिसाब से पूरे रूट का सफर करने पर करीब 1515 रुपये का टोल देना होगा।
आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
करीब 37,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, उद्योगों को फायदा मिलेगा और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
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खास विशेषताएं एक नजर में
- मेरठ से प्रयागराज तक सीधा कनेक्शन
- 6 लेन, भविष्य में 8 लेन तक विस्तार संभव
- फाइटर जेट लैंडिंग की सुविधा
- 9 आधुनिक सुविधा केंद्र
- ईवी चार्जिंग और ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था
गंगा एक्सप्रेसवे न सिर्फ सफर को तेज और आसान बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास में भी अहम भूमिका निभाने जा रहा है।
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