गोरखपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गोरखपुर द्वारा मंगलवार को जिला कारागार में ‘लीगल एड हेल्प डेस्क’ का उद्घाटन किया गया। इस पहल के माध्यम से कारागार में बंद कैदियों, उनके परिजनों और मुलाकात करने आने वालों को निःशुल्क कानूनी सलाह और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उद्घाटन कार्यक्रम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जनपद न्यायाधीश उमेश चन्द्र पाण्डेय रहे। प्राधिकरण की सचिव श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने कार्यक्रम का संचालन किया और मार्गदर्शन प्रदान किया। उद्घाटन के दौरान दोनों अधिकारियों ने कैदियों के परिजनों और मुलाकातियों से सीधे संवाद किया तथा उन्हें इस नई सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
न्याय तक आसान पहुंच का उद्देश्य
अपर जनपद न्यायाधीश उमेश चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि “लीगल एड हेल्प डेस्क” की स्थापना “मुलाकात से न्याय तक” के उद्देश्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। इस डेस्क के माध्यम से कैदियों को उनके केस की स्थिति, कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विकल्पों की सही जानकारी मिल सकेगी। इससे न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और गरीब, असहाय कैदियों को उचित कानूनी सहायता मिल पाएगी।
निःशुल्क और बिना भेदभाव के कानूनी सलाह
सचिव श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे इस हेल्प डेस्क का अधिक से अधिक उपयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां सभी को बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क कानूनी सलाह, दस्तावेजी सहायता और केस संबंधी मार्गदर्शन दिया जाएगा। खासकर उन कैदियों के लिए यह सुविधा बहुत उपयोगी साबित होगी जिनके पास अच्छा वकील रखने के आर्थिक साधन नहीं हैं।
लीगल एड टीम की भूमिका
उद्घाटन कार्यक्रम में लीगल एड हेल्प डेस्क की टीम भी मौजूद रही। चीफ डिफेन्स काउंसिल श्री ब्रजेश कुमार सिंह, डिप्टी चीफ भगत गौड़, डिप्टी चीफ हबीब जफर और असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स काउंसिल संजय कुँवर निगम ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और कैदियों के परिजनों को डेस्क की कार्यप्रणाली, उपलब्ध सेवाओं और संपर्क व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी।
जेल प्रशासन का सहयोग
कार्यक्रम में जिला कारागार के जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय ने इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जेल में बंदियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा और उनके केसों में समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर जेलर श्री अरुण कुमार कुशवाहा, डिप्टी जेलर नरेश कुमार, विजय कुमार, आदित्य कुमार जायसवाल, अमिता श्रीवास्तव, कृष्णा कुमारी सहित अन्य कारागार कर्मी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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एक महत्वपूर्ण कदम
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल परिसर में लीगल एड हेल्प डेस्क की स्थापना को कैदियों के पुनर्वास और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल माना जा रहा है। अब कैदियों और उनके परिवारों को जेल के अंदर ही विश्वसनीय कानूनी सहायता आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
यह सुविधा नियमित रूप से संचालित की जाएगी और जरूरत पड़ने पर विशेष शिविरों तथा जागरूकता कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।












































