गोण्डा: फर्जी हस्ताक्षर कर ₹1.05 लाख निकालने वाला जालसाज गिरफ्तार, कोतवाली नगर पुलिस की कार्रवाई

गोण्डा: कोतवाली नगर पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक पुराने मामले में कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को उसके आवास से हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय भेज दिया।

पुलिस अभियान के तहत हुई कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह गिरफ्तारी की गई। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर आनंद कुमार राय के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश कर उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।

उधार के विवाद से शुरू हुआ मामला

तरबगंज थाना क्षेत्र के पांचूपुरवा पाण्डेय दुर्जनपुर निवासी धर्मपाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि वर्ष 2015 में उन्होंने सुधीर कुमार शुक्ला से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। उनका कहना था कि निर्धारित ब्याज सहित पूरी रकम वापस कर दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी आरोपी लगातार अतिरिक्त पैसे की मांग करता रहा और विरोध करने पर धमकियां देता था।

फर्जी हस्ताक्षर कर निकाले गए रुपये

शिकायत के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित रूप से भारतीय स्टेट बैंक की सिविल लाइन शाखा के एक चेक पर धर्मपाल के नकली हस्ताक्षर बनाकर 25 फरवरी 2023 को 1.05 लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

घर से दबोचा गया वांछित अभियुक्त

विवेचना के दौरान दोषी पाए गए वांछित आरोपी सुधीर कुमार शुक्ला, निवासी मुसौली, थाना कोतवाली नगर को 6 जून 2026 को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की कार्रवाई में उपनिरीक्षक उमाशंकर उपाध्याय और कांस्टेबल संदीप कुमार यादव की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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