बाढ़ से मुकाबले की तैयारी : फर्रुखाबाद में राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल, सेना-एनडीआरएफ ने दिखाया दम

फर्रुखाबाद। मानसून के मद्देनजर संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को जनपद में राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिले की तीनों तहसीलों के चिन्हित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुए इस व्यापक अभ्यास में भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), फ्लड पीएसी, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों का वास्तविक परिस्थितियों जैसा प्रदर्शन कर विभागों की तैयारियों और आपसी समन्वय का परीक्षण किया गया।

प्रशासन द्वारा तैयार किए गए अलग-अलग काल्पनिक परिदृश्यों के तहत बाढ़ प्रभावित लोगों के सुरक्षित रेस्क्यू, राहत शिविरों के संचालन, चिकित्सा सहायता, राहत सामग्री वितरण और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता का प्रदर्शन किया गया। पूरे अभियान की निगरानी संबंधित उप जिलाधिकारियों ने इंसिडेंट कमांडर एवं नोडल अधिकारी के रूप में की।

सदर तहसील में राहत शिविर और फील्ड अस्पताल का प्रदर्शन

तहसील सदर के ग्राम पंखियां की मड़ैया, मजरा कटरी धरमपुर, थाना मऊदरवाजा तथा विकास खंड बढ़पुर क्षेत्र में बाढ़ चौकी, राहत शिविर और फील्ड अस्पताल स्थापित करने का अभ्यास किया गया। इस दौरान काल्पनिक रूप से प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया, उन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा राहत सामग्री वितरण की पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया गया।

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अमृतपुर में नाव पलटने की घटना पर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

तहसील अमृतपुर में बाढ़ के दौरान नाव पलटने की काल्पनिक घटना का दृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, फ्लड पीएसी और अन्य बचाव दल सक्रिय हुए तथा पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने, एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने तथा आधुनिक बचाव उपकरणों के उपयोग का भी अभ्यास किया गया।

कायमगंज में सुरक्षित निकासी का अभ्यास

कायमगंज तहसील के ग्राम गुटैटी दक्षिण, थाना एवं विकास खंड शमसाबाद क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया। बचाव दलों ने लोगों को वाहनों के माध्यम से राहत शिविरों तक पहुंचाया, जहां भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया दिखाई गई। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी इस दौरान देखने को मिला।

सेना, एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियां रहीं सक्रिय

मेगा मॉक ड्रिल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारतीय सेना, उत्तर प्रदेश पुलिस, फ्लड पीएसी, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें, एंबुलेंस सेवाएं, आपदा मित्र तथा ग्राम स्तरीय आपदा प्रबंधन समितियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी एजेंसियों ने आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

तैयारियों की परखी गई क्षमता

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार इस मेगा मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित बाढ़ आपदा के दौरान विभिन्न विभागों की तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता और आपसी समन्वय की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना था। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जनहानि को न्यूनतम रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का परीक्षण भी किया गया।

जनपद में आयोजित इस राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल ने स्पष्ट संकेत दिया कि प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और आपदा प्रबंधन दल संभावित बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

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