अयोध्या : अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी का मामला लगातार गरमाया हुआ है। इस कांड में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। टिन्नू को चंपत राय का खासमखास बताया जा रहा है। पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि चढ़ावे की रकम जमा करना टिन्नू की जिम्मेदारी थी, लेकिन ज्वैलरी का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
टिन्नू पर गंभीर आरोप
ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह के अनुसार, जब उन्होंने एक बार चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी पकड़ी तो टिन्नू ने मंदिर के CCTV कैमरों की 8 महीने की फुटेज डिलीट करा दी थी। आम अयोध्यावासियों और मीडिया में भी टिन्नू इस पूरे प्रकरण में सबसे ज्यादा फोकस में है।
लवकुश से 10-12 लाख बरामद, 40 लाख का प्लॉट खरीदा
सूत्रों के अनुसार, आरोपी लवकुश से 10-12 लाख रुपये बरामद होने की बात कही जा रही है। हैरानी की बात यह है कि 15-20 हजार रुपये मासिक वेतन वाले लवकुश ने 40 लाख रुपये से ज्यादा का प्लॉट खरीदा है और उस पर निर्माण कार्य भी चल रहा है। सवाल उठ रहा है कि इतना पैसा अचानक कहां से आया?
कुल चोरी की रकम 8 करोड़ के करीब
अनुमान है कि इस चढ़ावा चोरी कांड की कुल राशि करीब 8 करोड़ रुपये के आसपास है। ज्वैलरी समेत नकदी की बड़ी रकम गायब बताई जा रही है।
सवालों के घेरे में टिन्नू
– टिन्नू को अभी तक क्यों नहीं छुआ गया?
– क्या उसके रसूख की वजह से FIR में नाम तक नहीं लिया जा रहा?
– SOG की टीम लवकुश तक पहुंची, लेकिन टिन्नू की तलाशी क्यों नहीं ली गई?
– टिन्नू के पास कई बड़ी प्रॉपर्टीज बताई जा रही हैं।
चंपत राय को लक्षण क्यों नहीं दिखे?
पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने सवाल उठाया है कि क्या चंपत राय को इस चोरी कांड के कोई लक्षण ही नहीं दिखे? जबकि उनके सबसे करीबी टिन्नू पर इतने गंभीर आरोप लग रहे हैं।
अभी तक इस मामले में पुलिस और SOG की जांच जारी है। अयोध्या में इस घोटाले ने राम भक्तों के साथ-साथ पूरे हिंदू समाज में काफी आक्रोश पैदा कर दिया है। आम जनता अब सख्त कार्रवाई और पूर्ण पारदर्शिता की मांग कर रही है।










































