गोरखपुर रोहिन नदी हादसा: दूसरे दिन मिला 9 वर्षीय पिहू का शव, दो मासूमों की मौत से गांव में मातम, सुरक्षा पर उठे सवाल

रोहिन नदी हादसा: दूसरे दिन मिला पिहू का शव, दो मासूमों की मौत से गांव में कोहराम

गोरखपुर: तिवारीपुर थाना क्षेत्र के रोहिन नदी में नहाने के दौरान डूबे दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बुधवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद 9 वर्षीय पिहू का शव बरामद किया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इससे पहले मंगलवार को 12 वर्षीय सर्वेश यादव की इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी। इस हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 कैसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, सर्वेश यादव (12) पुत्र सतीश यादव, निवासी मानीराम (थाना चिलुआताल), अपने ननिहाल तकिया कवलदह पथरकट टोला आया हुआ था। वह अपने मामा विक्की यादव के घर ठहरा था।

मंगलवार करीब साढ़े ग्यारह बजे वह अपनी ममेरी बहन पिहू (9) और अन्य बच्चों के साथ भैंस को लेकर नदी किनारे गया था। वहां पहले से मौजूद बच्चों के साथ दोनों नदी में नहाने उतर गए, लेकिन अचानक गहराई में चले जाने से दोनों डूबने लगे।

 बचाव और रेस्क्यू ऑपरेशन

अन्य बच्चों के शोर मचाने पर गांव में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे लोगों को नदी किनारे चप्पलें मिलीं, जिससे अनहोनी की आशंका और गहरी हो गई।

सूचना पर एनडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। सर्वेश को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पिहू की तलाश रातभर जारी रही और बुधवार सुबह उसका शव बरामद हुआ।

मासूमों की पढ़ाई छिन गई

दोनों बच्चे पढ़ाई कर रहे थे—सर्वेश कक्षा 4 और पिहू कक्षा 2 की छात्रा थी। इस हादसे ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

उठ रहे गंभीर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि रोहिन नदी के कई हिस्सों में अचानक गहराई और तेज ढाल है, जो बेहद खतरनाक है। इसके बावजूद बच्चों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त निगरानी नहीं की जाती।

न तो खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही कोई घेराबंदी की व्यवस्था है। इस वजह से ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं।

 प्रशासनिक कार्रवाई और मौके पर पहुंची टीम

घटना की सूचना मिलते ही महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी डॉ. कोस्तुभ, एडीएम वित्त जय प्रकाश, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया और भविष्य में सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही।

गांव में मातम का माहौल

फिलहाल पूरे गांव में शोक की लहर है। हर आंख नम है और हर जुबान पर एक ही सवाल—आखिर ऐसी दर्दनाक घटनाएं कब रुकेंगी?

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