कायमगंज को मिली बड़ी सौगात: मऊरशीदाबाद में बनेगा स्थायी हेलीपैड, आपदा राहत और एयर एम्बुलेंस सेवा को मिलेगी रफ्तार
2500 वर्ग मीटर भूमि चिन्हित, प्रशासन ने प्रस्ताव भेजा जिलाधिकारी को
कायमगंज/फर्रुखाबाद: तहसील क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब कायमगंज तहसील में स्थायी हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए तहसील प्रशासन ने मऊरशीदाबाद गांव में करीब 2500 वर्ग मीटर भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव जिलाधिकारी को स्वीकृति हेतु भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
उपजिलाधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि चयनित भूमि की पैमाइश और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। प्रस्तावित हेलीपैड स्थल तहसील मुख्यालय से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे प्रशासनिक और आपातकालीन सेवाओं के संचालन में काफी सुविधा होगी। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) निर्माण कार्य शुरू करेगा।
आपदा के समय बनेगा जीवनरक्षक सुविधा केंद्र
स्थायी हेलीपैड का सबसे बड़ा लाभ प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर बाढ़ जैसी परिस्थितियों में मिलेगा। गंगा और रामगंगा नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में अक्सर बाढ़ का खतरा बना रहता है। ऐसे समय में राहत सामग्री पहुंचाने, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और बचाव कार्यों को तेज गति से संचालित करने में हेलीपैड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रशासन का मानना है कि आपदा के दौरान हेलीकॉप्टर संचालन के लिए स्थायी व्यवस्था होने से राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
एयर एम्बुलेंस सेवा को मिलेगा नया आयाम
हेलीपैड बनने के बाद गंभीर रूप से बीमार मरीजों को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से लखनऊ, कानपुर या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा। इससे गोल्डन ऑवर के दौरान मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में हवाई परिवहन की सुविधा मिलने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों को भी त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
वीवीआईपी दौरों के लिए नहीं करनी पड़ेगी अस्थायी व्यवस्था
वर्तमान में किसी मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल या अन्य वीवीआईपी के आगमन पर प्रशासन को अस्थायी हेलीपैड तैयार करना पड़ता है, जिसमें समय और सरकारी धन दोनों खर्च होते हैं। स्थायी हेलीपैड बनने के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं अधिक सुचारु एवं व्यवस्थित हो सकेंगी।
इससे सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रमों के संचालन में भी आसानी होगी।
नवाबगंज और शमशाबाद में भी चल रही तैयारी
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सरकार की यह योजना केवल कायमगंज तक सीमित नहीं है। नवाबगंज क्षेत्र में भी स्थायी हेलीपैड निर्माण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि शमशाबाद क्षेत्र में भूमि चयन और अन्य आवश्यक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पूरे जनपद में आपातकालीन सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का नेटवर्क पहले से अधिक मजबूत होगा।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई उड़ान
स्थायी हेलीपैड के निर्माण को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सुविधा कायमगंज क्षेत्र को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने और विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मददगार साबित होगी।
कायमगंज तहसील के लिए यह परियोजना किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। स्थायी हेलीपैड बनने से आपदा राहत, एयर एम्बुलेंस सेवा, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों को नई गति मिलेगी। साथ ही क्षेत्र के समग्र विकास को भी एक नई दिशा प्राप्त होगी।
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