रायबरेली : रायबरेली के पारंपरिक स्वादों को अब राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलने जा रही है. सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना के अंतर्गत जिले की प्रसिद्ध जलेबी और पेड़े को ब्रांड घोषित करने की तैयारी तेज हो गई है.
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से इस संबंध में शासन को एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है. उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इसे हरी झंडी मिल जाएगी.
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य हर जिले के पारंपरिक और विशिष्ट खाद्य उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करना है. इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. जलेबी और पेड़ा दोनों ही रायबरेली के ऐसे मिष्ठान्न हैं, जिनकी अपनी एक विशिष्ट पहचान और बेजोड़ स्वाद है.
डलमऊ से लेकर सलोन के पेड़े का जलवा
जिले में मिठाइयों का इतिहास काफी समृद्ध रहा है. डलमऊ में बनने वाला विशेष पेड़ा न सिर्फ रायबरेली बल्कि आसपास के कई जनपदों के लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. इसके अलावा, रायबरेली शहर का मशहूर ‘लाल पेड़ा’ और सलोन का ‘सफेद पेड़ा’ भी दशकों से लोगों के दिलों पर राज कर रहा है. वहीं, जिले के हर कस्बे और नुक्कड़ पर मिलने वाली गरमा-गरम जलेबी यहाँ की खान-पान संस्कृति का अहम हिस्सा है.
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त परमहंस मौर्या ने बताया कि शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है. ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना के तहत जिले से जलेबी और पेड़ा का चयन किया गया है. इन दोनों मिष्ठान्नों की लोकप्रियता, उत्पादन की संभावनाओं और बाजार में इसकी भारी मांग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. जल्द ही जलेबी व पेड़ा को जिले का आधिकारिक ब्रांड घोषित किया जा सकता है.
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)













































