बाराबंकी : लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में शॉर्ट सर्किट और एसी ब्लास्ट से हुए अग्निकांड के बाद बाराबंकी जिले में भी अग्नि सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है. हादसे से सबक लेते हुए कोचिंग सेंटर संचालक, व्यापारी, निजी अस्पतालों के प्रबंधक तथा सरकारी कार्यालय अपने यहां लगे एयर कंडीशनर (एसी), बिजली की वायरिंग और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच कराने में जुट गए हैं.
रामनगर तहसील क्षेत्र के रामनगर, सूरतगंज, रानीगंज, त्रिलोकपुर और रानीबाजार समेत कई इलाकों में गुरुवार को एसी मैकेनिकों की मांग अचानक बढ़ गई. लोग अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगे एसी की सर्विसिंग, ओवरहॉलिंग और बिजली कनेक्शनों की जांच करा रहे हैं. कई दुकानदारों और संस्थान संचालकों ने एसी के तारों, एमसीबी की क्षमता और कंप्रेसर की स्थिति का परीक्षण कराया.
विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान लगातार एसी चलने से विद्युत उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. ऐसे में तारों के गर्म होने, शॉर्ट सर्किट और तकनीकी खराबी की आशंका बढ़ जाती है. लखनऊ की घटना के बाद लोगों ने समय रहते सावधानी बरतनी शुरू कर दी है.
एसी सर्विसिंग की बढ़ती मांग का असर बाजार में भी दिखाई दे रहा है. पहले जहां एक एसी की सर्विसिंग के लिए 400 से 500 रुपये तक शुल्क लिया जाता था, वहीं अब काम का दबाव बढ़ने के कारण यह शुल्क 700 रुपये तक पहुंच गया है. इसके बावजूद कई लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है.
स्थानीय एसी मैकेनिक अबरार और अल्ताफ ने बताया कि हादसे के बाद लगातार फोन कॉल आ रहे हैं। दिनभर काम करने के बावजूद सभी ग्राहकों को समय देना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने बताया कि अब लोग केवल कूलिंग की समस्या के लिए ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी एसी और विद्युत प्रणाली की जांच करा रहे हैं.
उधर, जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग और संबंधित विभागों की ओर से भी बड़े प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है. अधिकारियों का उद्देश्य संभावित खतरों की पहचान कर समय रहते कमियों को दूर कराना है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
लखनऊ की घटना के बाद बाराबंकी में लोग अब केवल सुविधाओं पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों पर भी विशेष ध्यान देने लगे हैं. इससे जिले में अग्नि सुरक्षा और विद्युत उपकरणों के नियमित रखरखाव को लेकर जागरूकता बढ़ी है.
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