CBI ने रिश्वतखोरी के मामले में 2012 बैच के IPS अधिकारी दीपक गहलावत को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में हरियाणा कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार कर लिया है। दीपक गहलावत वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS), नई दिल्ली में तैनात थे।

रिश्वतखोरी का पूरा मामला

सीबीआई के अनुसार, दीपक गहलावत पर नकली दवाओं के मामले में राहत दिलाने का झांसा देकर रिश्वत मांगने का आरोप है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल कर पुडुचेरी में चल रहे नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े सीबीआई मामलों में निजी पक्षों को राहत दिलाने का दावा किया था। बदले में उन्होंने भारी रिश्वत की मांग की।

पहले गिरफ्तार हो चुके हैं इंस्पेक्टर

इस मामले में CBI ने पहले ही दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर **प्रदीप सिंह** समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान CBI ने करीब **25 लाख रुपये** की ट्रैप राशि और **90 लाख रुपये** नकद सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए थे।

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जांच कैसे शुरू हुई?

8 जून 2026 को CBI ने दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और दो निजी व्यक्तियों के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान ही आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत की संलिप्तता सामने आई।

CBI की कार्रवाई

CBI ने दीपक गहलावत को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है। उन पर प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध लाभ लेने का आरोप है। फिलहाल CBI पूछताछ में जुटी हुई है और मामले की जांच तेज गति से चल रही है।

यह मामला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में फैली रिश्वतखोरी की प्रवृत्ति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है। CBI की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।

अभी तक हरियाणा सरकार या BCAS की ओर से इस गिरफ्तारी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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