UP: अमेठी में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के लक्ष्य के साथ 12 जुलाई को ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जिलेभर में 53 लाख 66 हजार 100 पौधे रोपे जाएंगे। अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए वन विभाग विभिन्न सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को सक्रिय रूप से शामिल कर रहा है।
जोरों पर हैं तैयारियां
पौधारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए चयनित स्थलों पर गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता और नर्सरियों से उठान का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रशासन लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहा है ताकि निर्धारित तिथि पर पूरे जिले में व्यापक स्तर पर पौधारोपण सुनिश्चित किया जा सके।
वन विभाग ने बनाया विस्तृत खाका
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रणवीर मिश्र ने बताया कि अभियान की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में जिले के वन क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की गई है और इस बार बड़े पैमाने पर होने वाला पौधारोपण हरित क्षेत्र को और विस्तार देगा। उनके अनुसार, यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जलवायु संतुलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मंत्री की मौजूदगी में होगा विशेष कार्यक्रम
वन महोत्सव के तहत अब तक जिले में 4 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। वहीं 12 जुलाई को प्रदेश सरकार के मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह की उपस्थिति में 5 हेक्टेयर क्षेत्र में 12 हजार से अधिक पौधों का सामूहिक रोपण किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम को अभियान का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है।
कंट्रोल रूम से निगरानी, 29 नर्सरियों में तैयार 81 लाख पौधे
जिलाधिकारी के निर्देश पर अभियान की निगरानी के लिए वन विभाग ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जहां से पौधारोपण और पौधों के संरक्षण की नियमित मॉनिटरिंग होगी। जिले की 29 नर्सरियों में 81 लाख से अधिक पौधे तैयार किए गए हैं, जिनमें नीम, पीपल, बरगद, शीशम, अर्जुन, जामुन, महुआ और आंवला जैसी विभिन्न प्रजातियां शामिल हैं। विभाग का लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण के जरिए पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता को भी मजबूत करना है।
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