UP: हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुंभ और अगले वर्ष नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ को लेकर अखाड़ों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में 12 जुलाई को वाराणसी में तेरह अखाड़ों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कुंभ से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के साथ विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि आयोजन की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
एक हजार से अधिक संत-प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना
बैठक में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज की मौजूदगी प्रस्तावित है। इसके अलावा देशभर की विभिन्न शाखाओं से एक हजार से अधिक महामंडलेश्वर, श्रीमहंत और प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। नेपाल से भी संत और प्रतिनिधि बैठक में भाग लेंगे, जबकि कुछ सदस्य ऑनलाइन माध्यम से भी अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे। जूना अखाड़े का प्रधान कार्यालय काशी में होने के कारण इस बार बैठक का आयोजन वाराणसी में किया जा रहा है।
कुंभ की व्यवस्थाओं पर होगा विस्तृत मंथन
अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन भारती के अनुसार बैठक में हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में टेंट निर्माण, कोठारियों की रवानगी, साधु-संतों के ठहरने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही आयोजन से जुड़े अलग-अलग कार्यों के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों का चयन कर उन्हें दायित्व भी सौंपे जाएंगे, ताकि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी हो सकें।
नवंबर तक टेंट लगाने का लक्ष्य, फिर पहुंचेंगे संतों के जत्थे
मोहन भारती ने बताया कि हरिद्वार में अखाड़ों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है और नवंबर तक टेंट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों के जत्थे हरिद्वार पहुंचना शुरू करेंगे। वहां प्रमुख स्नान पर्वों में भाग लेने के साथ वे लगभग दो माह तक तप, साधना और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल रहेंगे।
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अखाड़ा परिषद के वरिष्ठ संत भी होंगे शामिल
बैठक में अखाड़ा परिषद से जुड़े वरिष्ठ संतों के अलावा हरि गिरि, प्रेम गिरी, उमाशंकर भारती समेत कई प्रमुख महामंडलेश्वर और अखाड़े की 52 सदस्यीय समिति के सदस्य भी मौजूद रहेंगे। वहीं काशी के अन्य प्रमुख अखाड़ों ने भी कुंभ की तैयारियों को गति दे दी है और अपने-अपने स्तर पर लगातार बैठकों का आयोजन कर रणनीति तैयार की जा रही है।
















































