UP: फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में डेढ़ वर्ष के मासूम आरव की निर्मम हत्या के मामले में फांसी की सजा पाए दोषी जितेंद्र पाठक उर्फ विराज पर जिला कारागार प्रशासन ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है। 10 जुलाई 2026 को जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद से उसे जिला कारागार में विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है।
जिला कारागार के जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि जिस बंदी को फांसी की सजा सुनाई जाती है, उसे विशेष निगरानी में रखा जाता है ताकि वह स्वयं को कोई नुकसान न पहुंचा सके और न ही जेल के नियमों के विरुद्ध कोई गतिविधि कर सके। इसके लिए उसकी लगातार सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग की जा रही है तथा उसकी निगरानी के लिए दो पुलिसकर्मियों की विशेष रूप से तैनाती की गई है।
जेल अधीक्षक के अनुसार, फांसी की सजा मिलने के बाद शुरुआती दो-तीन दिनों तक बंदी मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति में रहता है, जिससे उसके खान-पान पर भी असर पड़ता है। हालांकि अब जितेंद्र पाठक उर्फ विराज की स्थिति सामान्य हो रही है और उसने खाना लेना शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि 30 मई 2026 को शिकोहाबाद थाना क्षेत्र की यादव कॉलोनी में जितेंद्र पाठक उर्फ विराज ने डेढ़ वर्ष के मासूम आरव की पटक-पटक कर हत्या कर दी थी। इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने तेजी से विवेचना पूरी करते हुए छह दिन में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की लगातार सुनवाई के बाद मात्र 40 दिनों में जिला एवं सत्र न्यायालय ने 10 जुलाई 2026 को दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई, जिसे जिले के चर्चित मामलों में सबसे त्वरित फैसलों में से एक माना जा रहा है।













































