UP: गौ-रक्षा जनजागरण यात्रा के तहत गोंडा पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर में कथित दानराशि गड़बड़ी के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े मामले में चंपत राय को बचाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही बाबा बागेश्वर के हालिया बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में भय का माहौल बना हुआ है।
‘चंपत राय का इस्तीफा केवल चर्चा, सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?’
शंकराचार्य ने दावा किया कि चंपत राय ने न तो वास्तव में इस्तीफा दिया है और न ही वह अपने पद से अलग हुए हैं। उनके मुताबिक, केवल यह प्रचारित किया जा रहा है कि इस्तीफा दे दिया गया और उसे स्वीकार भी कर लिया गया, जबकि वह अब भी अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस्तीफा दिया गया है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
प्रधानमंत्री पर लगाए संरक्षण देने के आरोप
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि चंपत राय को इसलिए बचाया जा रहा है क्योंकि वे कुछ लोगों के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। शंकराचार्य का कहना था कि जिन लोगों ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी थी, वे आज भी उनके पक्ष में खड़े हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।
बाबा बागेश्वर के बयान को बताया ‘संकेतों में बड़ी बात’
बाबा बागेश्वर द्वारा राम मंदिर चंदा विवाद पर दिए गए बयान का जिक्र करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उनका वक्तव्य बेहद संतुलित और सारगर्भित था। उन्होंने कहा कि बाबा बागेश्वर ने यह कहकर बहुत कुछ स्पष्ट कर दिया कि यदि वह इस विषय पर ‘पर्ची’ निकालेंगे तो उनके लिए भी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। शंकराचार्य ने इसे भय के माहौल का संकेत बताया।
डिप्टी सीएम के बयान पर पलटवार, सीएम योगी पर भी साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक द्वारा उन पर भगवा वस्त्र पहनकर राजनीति करने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि यह टिप्पणी उनके लिए नहीं बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अधिक लागू होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में गौ-हत्या रोकने के बजाय संरक्षण दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘कालनेमि’ वह होता है जो बाहर से कुछ और और भीतर से कुछ और होता है।















































